बस्ती। पूर्व डीपीआरओ एपी त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान 37 ग्राम पंचायतों
के खाते को अनियमित रूप से खोले जाने के मामले की कराई गई जांच में लगभग
37 लाख रुपये के धन का दुरूपयोग करने का प्रकरण सामने आया है। यह जांच डीएम
अनिल कुमार दमेले के निर्देश पर नौ अधिकारियों ने की।
डीपीआरओ डीपी
सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में जिन ग्रामों के खाते विकास कार्यो के
नाम पर बंद के बाद भी खोले गए उन सभी में कोई कार्य होना नहीं मिला। जबकि
धन निकाल लिए गए हैं। बताया कि कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट गुरूवार को
डीएम के पास भेज दी गई है।
जिन अधिकारियों की टीम ने जांच की,
उनमें बीडीओ हनुमान मिश्र, एडी सहकारिता केके दुबे, एई डीआरडीए प्रदीप
सिंह, बीडीओ सदर, बीडीओ रूधौली, बीडीओ दुबौलिया, बीडीओ साऊंघाट, बीडीओ
बहादुरपुर व बीडीओ बनकटी शामिल रहे।
डीपीआरओ ने बताया कि जिन
ग्रामों में जांच के दौरान सरकारी धन के दुरूपयोग के मामला सामने आया है,
उनमें ब्लॉक दुबौलिया के मझियार व भीयूरा, रूधौली के ग्राम कथकपुर,
भिटियाकला, सिसवारी खुर्द, पकरी सोयम व डुमरी, विक्रमजोत के ग्राम
तालागांव, खानकला, लजघटा, कल्हनी कला, मेढ़ाएं, केनौना, बसथनवा व सेवराकला,
साऊंघाट के ग्राम कड़रखास व अण्डा, बहादुरपुर के ग्राम माड़न, कोड़र व
बेनीपुर, सदर ब्लॉक के ग्राम गौरा व ताड़ीजोत, रामनगर के ग्राम चपसार,
सगराखास, खम्हरिया, खम्हरिया पूरब, बनवधिया, घोषण, बेलगढ़ा, गदापुर चक,
भानपुर बाबू, नऊवा गांव व नकथर शामिल हैं। इसी तरह बनकटी ब्लॉक के ग्राम
सजहरा में अनियमितता पाई गई।