बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष रामदरश, सदस्य महादेव प्रसाद दुबे व
वंदना मिश्रा की पीठ ने खाताधारक की जमा धनराशि का भुगतान न करने और उलटे
94,885 रुपये हड़पने के प्रयास को सेवा में कमी मानते हुए सहारा क्रेडिट
कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड को 1,96,600 रुपये जमा धन व क्षतिपूर्ति सहित
देने का आदेश दिया।
सुरेंद्र बहादुर सिंह निवासी मुंडेरवा ने
विपक्षी सहारा क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड शाखा मुंडेरवा व इसके पंजीकृत
कार्यालय कपूरथला लखनऊ के विरुद्ध रामरतन पांडेय एडवोकेट के माध्यम से फोरम
के समक्ष परिवाद दाखिल किया। कहा कि उसने विपक्षी संख्या एक के एजेंट
रामप्रताप व शाखा प्रमुख के कहने पर पचास रुपये प्रतिदिन सहारा माइनर एक
वर्ष के योजना और दूसरा खाता तीन सौ रुपये प्रतिदिन के मूल्य का दस माह के
लिए वर्ष 2013 में खोला।
दोनों खातों में विपक्षी के एजेंट रकम
लेते रहे। उस खाते में पासबुक प्रविष्टि के अनुसार दूसरे खाते में एक लाख
चौसठ हजार दो सौ पचास रुपये और प्रथम खाते में सत्रह हजार आठ सौ पचास रुपये
जमा होना अंकित है। जिसमें प्रथम खाते से मात्र 8500 रुपये तीन नवंबर 2014
को भुगतान किया गया।
परिवादी से विपक्षी संख्या एक शाखा मुंडेरवा
के एजेंट रामप्रताप चौधरी ने उसकी पासबुक और समस्त कागजात जमा कर लिया और
आपस में साजिश कर 94,885 रुपये भुगतान लेने का प्रयास किया। इसकी भनक लगने
पर वादी ने विपक्षी संख्या एक से पासबुक और समस्त कागजात वापस ले लिया और
जमा धनराशि के भुगतान की मांग की। न देने पर परिवाद दाखिल किया। विपक्षी ने
हाजिर होकर जवाब दाखिल कर परिवाद खारिज करने की मांग की।
दोनों
पक्षों को सुनने के बाद फोरम की पीठ ने विपक्षीगण की सेवा में कमी मानते
हुए परिवाद स्वीकार किया। विपक्षीगण को आदेश दिया कि वे आदेश के तिथि के 60
दिन के अंदर 1,73,600 रुपये का परिवाद दाखिल करने की तारीख से छह प्रतिशत
वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करें। साथ ही वाद व्यय व क्षतिपूर्ति के रुप
में पचीस हजार रुपये देने का आदेश दिया। इसे निर्धारित अवधि में अदा न
करने पर छह प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।