बीडीसी सदस्य पंकज सिंह को पिस्टल से 17 गोली मारी गईं थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट तो दर्ज कर ली।
लेकिन वारदात के तीन दिन बाद भी आरोपी पकड़ से दूर हैं। चुनावी रंजिश और वर्चस्व को लेकर घटना की वजह बताई जा रही है। पुलिस जल्द हमलावरों को पकड़ने का दावा कर रही है।
मिल एरिया थाना क्षेत्र के लालूपुर चौहान गांव निवासी एवं बीडीसी सदस्य पंकज सिंह पर सोमवार रात उस समय अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। जब वह गायत्री देवी मंदिर के पास एक शादी समारोह में शामिल होने आया था।
गोलियों से छलनी पंकज की अस्पताल पहुंचने तक मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई नीरज सिंह ने अभय सिंह उर्फ अंकित सिंह निवासी आचार्य द्विवेदी नगर, मुकुट सिंह निवासी गांधी नगर, धनंजय सिंह उर्फ धुनाड़ी निवासी इंदिरा नगर, अजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह निवासी नेहरू नगर, फास्टर उर्फ अंकित सिंह निवासी आचार्य द्विवेदी नगर और बबलू सिंह उर्फ कुंवर भूपेंद्र सिंह निवासी बिंदा सिंह का पुरवा रसेहता कोतवाली महराजगंज के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ है, उससे जाहिर है कि बीडीसी सदस्य की हमलावरों ने बड़ी बेरहमी से हत्या की।
बीडीसी सदस्य को 17 गोली मारी गई थी। इसमें से 13 गोली तो सीने में लगी थी। इसके अलावा हाथ, पैर में गोली लगी थी। पुलिस की मानें तो ये 17 गोलियां पिस्टल से ही चलाई गई।
बीडीसी सदस्य की हत्या के तीन दिन बाद भी सदर कोतवाली पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच की है। पुलिस घटना को चुनावी रंजिश और वर्चस्व के रूप में देख रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक राममूरत यादव का कहना है कि बीडीसी सदस्य के हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना वाले दिन हमलावरों ने पहले पंकज सिंह के साथ शादी समारोह में खाना खाया। इसके बाद जैसे ही पंकज सिंह बाहर निकाला, उसे फिल्मी अंदाज में भून दिया।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया ये भी जा रहा है कि मृतक की पिस्टल छीनकर ही उस पर गोली चलाई गई। हालांकि इस बाबत पुलिस अभी कुछ नहीं बोल रही है।