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कठिनइयां नाले में गिरी कार, दो की मौत

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कार में से निकालते लोग। - फोटो : amar ujala
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बस्ती/ओड़वारा। बस्ती-मेंहदावल मार्ग स्थित कठिनइया नाले में शुक्रवार आधी रात को बेकाबू कार पुल से टकराकर जा गिरी। जिससे कार में सवार हार्डवेयर व्यवसायी तथा चालक की मौत हो गई। दोनों लोग सिद्धार्थनगर जिले के उसका क्षेत्र के रेहरा बाजार निवासी थे।
सिद्धार्थनगर निवासी बलराम बरनवाल (55) और कार चालक शमशाद (35) रात करीब डेढ़ बजे लखनऊ से घर जा रहे थे। जब वह पुरानी बस्ती और दुधारा थाने की सीमा में कठिनइया पुल पर पहुंचे तभी कार अनियंत्रित हो गई और नाले में जा गिरी। पानी में दम घुटने से दोनों की मौत हो गई। शनिवार सुबह बाघनगर के लोग टहलते हुए पुल पर पहुंचे तो पानी में उल्टी कार देखकर शोर मचाया। लोगों की सूचना पर थाना व चौकी की पुलिस पहुंची और नदी में गिरी कार को क्रेन से बाहर निकलवाया। शवों से मिले आधार कार्ड से पहचान होने पर घरवालों को जानकारी दी गई। घटनास्थल पर भारी भीड़ होने से सड़क जाम हो गई। पुलिस ने मशक्कत कर यातायात बहाल कराया। 
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संकरी पुलिया से हुई दुर्घटना 
दुर्घटनास्थल पर देखने से लगता है कि जिस पुलिया से टकराकर गाड़ी नाले में गिरी है वह बहुत संकरी है। जबकि दोनों तरफ टू लेन अच्छी सड़क है। ऐसे में कोई भी वाहन चालक अचानक वहां पहुंच कर अनियंत्रित हो सकता है। लोगों का कहना है कि दुर्घटना का एक मात्र कारण संकरी पुलिया है।


रात साढ़े 12 बजे परिवार से की थी बात
बलराम बरनवाल ने शुक्रवार रात करीब साढ़े 12 बजे पत्नी बच्ची देवी व बेटे राहुल को फोन कर बताया कि बस्ती पहुंच गए हैं। रुधौली-बांसी तक रास्ता खराब होने से मेंहदावल के रास्ते घर आ रहे हैं। सुबह साढ़े आठ बजे व्यापारी की बहन सरस्वती जो बेलहर कला में ब्याही हैं, ने सूचना मिलने पर मायके फोन कर घटना की जानकारी दी। 


सोचा शायद किसी गाड़ी का टायर फटा
घटनास्थल से कुछ दूर एक चाय की दुकान वाले ने बताया कि रात करीब एक बजे उसने तेज आवाज सुनी थी। लेकिन यह सोचा कि शायद किसी गाड़ी का टायर फटा है। किसी दुर्घटना से बेपरवाह वह मौके पर नहीं गया। गाड़ी नाले में गिरते ही पलट गई थी और उसके चारों पहिए ऊपर थे। हालांकि ड्राइवर ने सीट बेल्ट पहन रखी थी। लोगों का अंदेशा है कि लग्जरी गाड़ी होने से पानी में गिरते ही उसके सारे सिस्टम बंद हो गए होंगे। चाह कर भी फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए होंगे। बलराम अपने क्षेत्र के सम्मानित व्यवसायी थे। पति की मौत के बाद पत्नी बच्ची देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। चार बेटे अजय, विजय, राहुल और रोहित तथा दो पुत्रियां उर्मिला और विजय लक्ष्मी हैं। जिनमें बड़े पुत्र और दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। पुरानी बस्ती थाने पर पहुंचे रिश्तेदार भी एक दूसरे से लिपटकर रो रहे थे। बेटे राहुल को ढांढस बंधा रहे थे।
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रात में हादसे न होता तो बच जाती दोनों की जान
बाघनगर। कठिनइया पुल के पास हुई सड़क दुर्घटना अगर रात के बजाय दिन में होती तो दोनों की जान बच सकती थी। रात होने से पुल के नीचे कार गिरने से आने-जाने वालों को दिखाई नहीं दिया। दिन में होता तो पुल के पास चाय की दुकान भी है अक्सर लोग वहां मौजूद रहते हैं। वह दोनों को गाड़ी से बाहर निकाल लेते। 
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