रुधौली। स्थानीय थाने के तीन गांवों में पड़ी भीषण डकैती के पीड़िताें ने रविवार को अपनी आपबीती सुनाई।
डकैती
के सुरजन बताते हैं कि वह और उनके पुत्र रामभवन रात दो बजे लघुशंका के लिए
उठे तो उसी बीच 15 से 20 बदमाश बरामदे में लगी तिरपाल तोड़ कर रामभवन का
हाथ पैर बांध दिया और कहा कि तुम चरस बेचते हो, हम पुलिस वाले हैं। तलाशी
लेंगे। चाबी दो और सबको पीटने लगे।
पत्नी आकाशा के कान का झाला और
मंगलसूत्र छीन लिए। इसी बीच 11 वर्षीय नाती राजन भाग कर गांव वाले घर पर
बताया कि बदमाश दादा माई को मार रहे हैं। बनगंवा के चंद्रिका का कहना है कि
डकैतों ने धमकी दी थी कि यदि पुलिस को सूचित करोगे तो वापस आकर जान से मार
दूंगा। वे सब बालू पांडेय के यहां से दरवाजा तोड़ने के लिए हेंगा लेकर आए
थे, जिसे छोड़ कर चले गए।
मैं और मेरा परिवार बहुत दहशत में है।
जबकि कैड़िहवा मोहम्मद असलम की मां हबीबुननिशा अपने बच्चों के साथ बैठ कर
रो रही थी। उनके परिवार के चार सदस्य जिला अस्पताल में भर्ती हैं। छत पर
डकैतों ने दो बक्सा तोड़ा था। बताया कि अब देखने की ताकत नहीं है। दोनों
बहुएं अस्पताल में हैं भगवान उनको सलामत रखे। एसओ रूधौली पंकज कुमार का
कहना है कि पुलिस खुलासे के प्रयास में लगी हुई है। फोरेंसिक टीम इंचार्ज
संजय सिंह ने बताया कि घटना स्थलों से फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट और गमछा,
डंडा मिला है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी इकट्ठा किया जा रहा है।