परशुरामपुर। परिवार में उपेक्षा और उत्पीड़न से आजिज 60 वर्षीय राधा देवी ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना परशुरामपुर थानाक्षेत्र के जोतबक्स गांव की है।
वहां के रामअजोर को कोई संतान नहीं है। निराश होकर करीब चार साल पहले राम अजोर ने अपनी पूरी अचल संपत्ति छोटे भाई रामतीर्थ के तीन बेटों के नाम कर दी। उन्हीं के बच्चों की देखरेख में व्यस्त रहकर यह दंपति अपना जीवन बिताने लगा। गांव में चर्चा है कि घर के लोग इसी बात को लेकर रामअजोर और उनकी पत्नी का उत्पीड़न करने लगे। लोग बताते हैं कि परिवार में उपेक्षा और अपमान सहते हुए रामअजोर अर्धविक्षिप्त हो गया। पत्नी राधा भी ताने सुन सुनकर आजिज आ गई थी।
बीती रात सभी लोग खा-पीकर बाहर सोए। जब सभी नींद में थे, तभी वह धीरे से उठकर कमरे के अंदर गई और छत की कुंडी से फंदा बनाकर लटक गई। इस बात की जानकारी सबको सुबह हुई। लोगों ने देखा कि कमरे के अंदर राधा की लाश छत से लटकी है। चैनल में अंदर से ताला लगा था। इसे काटकर काफी मशक्कत के बाद लाश नीचे उतारी गई। सीओ हरैया और फोरेंसिक टीम ने मौके से तमाम नमूने लिए।