आतंक का पर्याय बने हिजबुल मुजाहिदीन के सक्रिय सदस्य के एसएसबी के हाथ से फिसलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। आशंका है कि वह भागकर रेंज के तीन में से किसी जिले में ठिकाना बनाया होगा। सोनौली के इंडो-नेपाल बार्डर पर पगडंडी के रास्ते से होकर भारत में प्रवेश करते हुए एसएसबी के हत्थे चढ़े आतंकी के साथी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी की है। पूरे जोन में अलर्ट कर दिया गया है, खास तौर से बस्ती मंडल के तीनों जनपदों में होटल-धर्मशालों और दूसरे ठिकानों पर पुलिस व इंटेलीजेंस की निगहबानी है।
नेपाल सीमा से बस्ती मंडल के कई कस्बों के अलावा महराजगंज, फरेंदा होते हुए वाया बांसी महराजगंज जिला भी सटा हुआ है। इस नाते वैसे भी घुसपैठ की संभावना बनी रहती है। पिछले 10 वर्षों में दर्जन भर से ज्यादा आतंकी संगठन से जुड़े देसी-विदेशी नागरिक पकड़े जा चुके हैं। इसे देखते हुए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आतंकी भागकर इसी रेंज के किसी जिले में ठिकाना बनाएंगे।
इस मामले में डीआईजी लक्ष्मी नारायण का कहना है कि पुलिस एसएसबी के साथ समन्वय बनाए हुए है। आतंकी की तलाश में होटल-ढाबों और धर्मशाला और रैन बसेरों की सघन जांच कराने का भी निर्देश दिया गया है।