विक्रमजोत। छावनी थाना क्षेत्र के विक्रमजोत में सड़क किनारे बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे बेहोशी की हालत में युवक मिला। लोगों की नजर पड़ी तो आपसी मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जेब में मिले आधारकार्ड के पते से परिवार के लोगों को भी जानकारी दी गई।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे नमाज पढ़ने जा रहे शंकरपुर निवासी शफीक अहमद ने 25 वर्षीय युवक को बेहोशी की हालत में देखा। आसपास के लोगों को बुलाकर सीएचसी विक्रमजोत पहुंचाया। साथ ही छावनी पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। सीएचसी पहुंचे पुलिस चौकी प्रभारी हरे कृष्ण उपाध्याय ने तलाशी ली। जेब में आधार कार्ड और साथ में एक खाली बैग था। आधार कार्ड से पहचान श्रवण कुमार पुत्र रामदेव निवासी गोपीनाथपुर थाना परशुरामपुर के रूप में हुई। इसकी जानकारी परिवार के लोगों को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि श्रवण पुणे में नौकरी करता है। ट्रेन से घर आ रहा था। लखनऊ पहुंचने पर चारबाग से बस से विक्रमजोत के लिए रवाना हुआ था। इसी दौरान जहरखुरानों ने उसे शिकार बना लिया होगा। श्रवण के पास से नकदी और कपड़े भी गायब थे। अनुमान है कि बस चालक ने टिकट के आधार पर विक्रमजोत की मस्जिद के समीप उतार दिया। जहां नमाज पढ़ने जा रहे शफीक अहमद की नजर पड़ गई। काफी समय तक उपचार के बाद श्रवण को होश आ गया। इसके बाद परिवार के लोग अपने साथ घर ले गए। इस संबंध में थानाध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि रोडवेज बस में ही युवक को नशीली दवा सुंघाकर जहरखुरानों ने उसे अपना शिकार बना लिया। सीएचसी में इलाज के बाद होश आने पर परिवार के लोग साथ ले गए। परिजनों ने तहरीर भी नहीं दी है।