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महिला कांस्टेबल को 81 हजार की चपत

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cyber crime
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बस्ती। 
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ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों ने अबकी बार वाल्टरगंज थाने में तैनात महिला कांस्टेबल को निशाना बनाया। जालसाज ने कांस्टेबल के खाते से तीन बार में 81 हजार रुपये दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लिया। इसकी जानकारी होने पर महिला आरक्षी ने मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन कोतवाली और पुरानी बस्ती थाने से उसे टरका दिया गया। अंतत: एसपी के निर्देश पर वालटरगंज थाने में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ।
गाजीपुर जिले के नन्दगंज निवासी कांस्टेबल छाया का वहीं के भारतीय स्टेट बैंक शाखा में अकाउंट है। दो अक्टूबर को दिन में करीब 11 बजे छाया ने पुरानी बस्ती में लगे पीएनबी के एटीएम से सात हजार रुपये निकाला। इसके करीब तीन घंटे बाद मोबाइल पर 40 हजार रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज अलर्ट आया। थोड़ी ही देर में दो और मैसेज आए, जिसमें 30 और फिर 11 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। कोतवाली और पुरानी बस्ती से थाने से निराश होकर वह एसपी से मिली। तब जाकर वाल्टरगंज थाने में केस दर्ज हुआ। 
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कांस्टेबल को भी नहीं बख्शे
महकमे की महिला आरक्षी को भी साइबर सेल के प्रकरण में चक्कर कटवाया गया। किसी तरह से बचाकर अकाउंट में रखे 81 हजार रुपये एकाएक गायब होने से आहत पीड़िता मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पहले कोतवाली पहुंची। वहां से पुरानी बस्ती थाने भेज दिया गया। दलील दी गई कि जिस एटीएम से रुपये निकाले गए वह पुरानी बस्ती का होने की वजह से मुकदमा वहीं दर्ज होगा। मगर पुरानी बस्ती थाने पर महराजगंज जाने की नसीहत देकर लौटा दिया गया। आखिरकार जब वह एसपी के पास पहुंची तब जाकर वाल्टरगंज थाने में केस दर्ज हुआ। 
कुसुम के एकाउंट में गए रुपये 
लोकल स्तर पर कुछ पता चलने पर आरक्षी महाराजगंज स्थित एसबीआई शाखा में पहुंची। जहां उसे बैंक वालों ने बताया कि कुसुम नाम की खाता धारक के अकाउंट में रुपये भेजे गए हैं। मगर कुसुम के बारे में डिटेल पता लगाने में साइबर सेल अब तक नाकाम है।
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साइबर सेल बना साजिया का अड्डा
हाईटेक तकनीकि के दौर में सर्विलांस टेक्नॉलोजी पुलिस का सबसे अहम हथियार है लेकिन यहां का सेल साजिश का अड्डा बन चुका है। मोबाइल ढूंढकर बेचने, कॉल डिटेल का सौदा करने और नंबर पर बात होने का झांसा देकर वसूली करने जैसी शिकायतें आम हैं। जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों की चुप्पी पर आम लोग तंज कसने लगे हैं। 
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