कम्पनी की पॉलिसी के नाम पर 64 लाख की ठगी करने वाले जालसाज को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
बीमा कंपनी का पॉलिसी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले दो जालसाजों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। ठगों ने एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का लालच देकर अपने दो खातों में 64 लाख रुपये जमा कराए थे। पुलिस की गिरफ्त में आए जालसाजों ने बताया कि वह अब तक इसी तरह करीब डेढ़ करोड़ रुपये अपने विभिन्न खातों में जमा करा चुके हैं। उनके पास से 1,02,950 रुपये नकद, बैंकों की पासबुकें, तीन मोबाइल और एक आधार कार्ड भी बरामद हुआ है।
शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के माली टोला निवासी मंजर हसन ने शिकायत की थी कि अगस्त 2014 में अनिल शर्मा व अंकित वर्मा ने फोन कर फर्जी पॉलिसी के नाम पर करीब 64 लाख रुपये की ठगी की। एएसपी रोहित मिश्र के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच के आरके राय, साइबर सेल प्रभारी पंकज पांडेय, हिंदे आजाद व सर्वेश नायक की टीम ने सूचना के आधार पर जालसाजों को बड़ेवन पुल के नीचे पकड़ा। पकड़े गए ठगों की पहचान दीपक कुमार मिश्रा, निवासी ईडी-2ए बसुंधरा एनक्लेब पूर्वी दिल्ली और कौशल सिंह कुशवाहा ग्राम शिवाजी नगर बाबरपुर थाना अजीतमल जिला औरैया के रूप में हुई है। दीपक का मूल पता बिहार के मधुबनी का है।
एसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि कोटक महेंद्रा के पॉलिसी अधिकारी बनकर कंपनी से डाटा प्राप्त किया। फिर मंजर हसन को रकम दोगुनी करने वाली पॉलिसी का लालच देकर अलग अलग खातों में 64 लाख रुपये जमा करवा लिए। आरोपियों ने बताया कि वह फर्जी कॉल सेंटर खोलकर अलग-अलग बीमा कंपनियों से पॅलिसियों और ग्राहकों से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कर ग्राहकों को फोन करते थे। प्रलोभन देकर लोगों से अपने खाते में रकम डलवा लेते थे। अब तक विभिन्न लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये वह इसी तरह ऐंठ चुके हैं। पुलिस ने जालसाजी व विभिन्न धाराओं के तहत आईटी एक्ट में केस दर्ज किया है।