जिले की स्वॉट टीम ने अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त करने वाले गैंग का भंाडाफोड़ करते हुए सरगना समेत छह गुर्गों को धर दबोचा। उनके कब्जे से नाइन एमएम पिस्टल, रिवाल्वर सहित छह असलहे बरामद किए गए। सभी तमंचे मुंगेरी बताए जा रहे हैं, जो हूबहू असली जैसे हैं। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि ये सभी कुख्यात धोनी तिवारी गैंग के सदस्य हैं। जिन्हें कोतवाली क्षेत्र के कटरा का रहने वाला शमशाद असलहे मुहैया कराता था। एसपी ने बताया कि उसकी गतिविधियों की भनक लगने के बाद एएसपी रोहित मिश्र के पर्यवेक्षण में सीओ सिटी एसएन सिंह के नेतृत्व में कोतवाल कपिलमुनि सिंह और प्रभारी स्वॉट टीम सर्वेश राय मयटीम को टॉस्क पर लगाया गया।
मुखबिर की सूचना पर मूड़घाट चौराहे पर रात 11 बजे तीन अभियुक्तों को मुठभेड़ में पकड़ा गया। उन सभी के पास असलहे बरामद किए गए। पूछताछ के आधार पर सुबह पौने छह बजे रोडवेज तिराहे से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनके भी पास से अवैध शस्त्र एवं कारतूस बरामद किए गए। अभियुक्तों में शमशाद के अलावा मोनू उर्फ इमाम अशरफ निवासी मुरलीजोत, राघवेंद्र उर्फ संजय मिश्र निवासी छविलहा खोर, प्रिंस उर्फ असफरूल हक निवासी चिकवा टोला, अखिलेश पांडेय निवासी मुरलीजोत, हरिशंकर सोनी निवासी ओरीजोत शामिल हैं। सरगना को इससे पूर्व वर्ष 2013 में भी अवैध शस्त्र सप्लाई मामले में जेल भेजा गया था।
बरामदगी का विवरण
पिस्टल नाइन एमएम मय 07 कारतूस, एक खोखा, दो पिस्टल 0.32 बोर 09 कारतूस, एक रिवाल्वर 0.38 बोर 02 कारतूस, दो अदद तमंचे 12 बोर 04 कारतूस बरामद किए गए। साथ ही एक अपाची बाइक यूपी-51/एए-3403 शामिल है।
टीम को पांच हजार इनाम
इस गैंग को पकड़ने वाली टीम को एसपी ने पांच हजार रुपये पुरस्कार दिया है। टीम में कपिलमुनि सिंह प्रभारी निरीक्षक, सर्वेश राय प्रभारी स्वॉट टीम के अलावा कांस्टेबल छोटेलाल, कमलेश यादव, मनोज राय, आनंद प्रकाश यादव, आदित्य पांडेय, मनींद्र प्रताप, अमित पाठक, अजय दूबे, दिलीप कुमार, अरविंद यादव, हरेँद्र यादव, अजय यादव, सदानंद यादव, सर्विलांस के जनार्दन और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।