बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश मनमीत सिंह सूरी ने किशोरी को बहला फुसला कर भगाने व उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एक को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसे 30 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा जबकि इसी मामले के तीन अन्य आरोपियों को तीन-तीन वर्ष का कारावास तथा दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा कोर्ट ने दी है। अर्थ दंड से प्राप्त आधी रकम पीड़िता को दिया जाएगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह व अधिवक्ता अजय कुमार शुक्ल ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की महिला ने थाने में रपट दर्ज कराई कि 22 फरवरी 2017 की शाम सात बजे उसकी 16 वर्षीय पुत्री को मोहल्ले के विनोद कुमार सोनकर बहला फुसला कर भगा ले गया। इसमें सुनील सोनकर, लड्डू उर्फ प्रमोद व विनोद की मां लक्ष्मी ने सहयोग किया। तहरीर के आधार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। घटना के सप्ताह भर बाद रेलवे स्टेशन पर पीड़िता विनोद के साथ बरामद हुई। उसके सहयोगी फरार होने में कामयाब रहे। पीड़िता ने पुलिस को आपबीती बताई। चार के खिलाफ पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन की ओर से वादी व पीड़िता सहित छह गवाहों के बयान हुए। बयान के आधार पर कोर्ट ने विनोद कुमार सोनकर को सात साल जबकि सुुनील, लड्डू व लक्ष्मी को तीन- तीन वर्ष की कारावास की सजा सुनाई।