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जेलों में अलर्ट, छुट्टियां रद
हाई सिक्योरिटी बैरक में पहुंचाए गए इनामिया व कुख्यात माफिया
बागपत में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद डीआईजी ने किया अलर्ट
सभी 19 जेलों की सिक्योरिटी आडिट के बाद बदले गए चेक प्वाइंट
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बदमाश मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद बस्ती समेत गोरखपुर और फैजाबाद परिक्षेत्र की सभी 19 जेलों में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया है। सभी जेल अधीक्षक, जेलर, डिप्टी जेलर के साथ ही जेल के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए तत्काल आमद करने को कहा गया है।
बस्ती जिला जेल में बंद पश्चिमी यूपी के गौतमबुद्धनगर के एक लाख के इनामी अपराधी रणदीप भाटी को हाई सिक्योरिटी बैरक में भेज दिया गया। उसकी निगरानी के लिए 24 घंटे जेल सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। आठ घंटे की शिफ्ट में रोटेशन के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। सोमवार को दोनों रेंज के डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ल ने बताया कि अगले आदेश तक सिर्फ 10 प्रतिशत स्टाफ को ही छुट्टी दी जा सकेगी। यही फॉर्मूला आगे भी लागू रहेगा। जेल अधीक्षक स्वयं के स्टाफ को जरूरत के मुताबिक विषम परिस्थिति में ही छुट्टी देंगे। सभी सीनियर स्टाफ को सिक्योरिटी मॉनीटिरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। 24 घंटे जेल के अंदर और बाहरी परिसर में पर्याप्त रोशनी व सख्त पेट्रोलिंग होती रहेगी। डीआईजी जेल के मुताबिक पूरे कैंपस की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरे की नजर होगी। फुटेज सहेजकर रखे जाएंगे। ताकि आवश्यकता पर प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। बंदियों से मुलाकात करने वालों की प्रत्येक हरकत पर पैनी नजर है। डीआईजी जेल ने बताया कि बागपत जिला कारागार की घटना के बाद सतत निगरानी रखी जा रही है। निषिद्ध वस्तुएं किसी भी हालत में पहुंचने के लिए कारागार के गेट चेकिंग स्टाफ की जवाबदेही होगी। साथ ही वार्डेन और बैरक इंचार्ज को भी तलब किया जाएगा। जिन जिलों में इनामी और माफिया अपराधी रखे हैं, उन्हें स्पेशल हाई सिक्योरिटी बैरक में भेज दिया गया है। वायरल हुई थी सेल्फी
फरवरी 2018 में जेल से कैदियों की सेल्फी वायरल हुई थी। जांच में मामला डेढ़ साल पुराना पाया गया था। 22 मई 2016 को चारों बंदियों की मुलाकात की चार घंटे तक पड़ताल की गई थी। जेलर अनिल कुमार सुधाकर, डिप्टी जेलर के अलावा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी व कारागार स्टाफ की मौजूदगी में पाया गया था कि बैरक में ही सेल्फी लेकर वायरल की गई थी। इससे पहले कई बार जेल के अंदर से रंगदारी और सुपारी किलिंग की साजिश के तथ्य सामने आ चुके हैं।