विक्रमजोत-धुसवा बंधे से सटे छावनी क्षेत्र के शंभूपुर गांव में 19 वर्षीया युवती संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से झुलस गई। परिवार के लोग पुलिस के चक्कर से बचने के लिए सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बजाए एक अप्रशिक्षित डाक्टर के पास दवा कराने ले गए, जहां कुछ देर में उसकी मौत हो गई। घर के लोगों का कहना है कि खाना पकाते समय आग लगने से वह झुलस गई थी।
मृतका की मां चंद्रावती ने बताया कि चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर की मंगीता पास के सौरी गांव में स्थित विद्यालय में 10वीं की छात्रा थी। पढ़ाई के साथ-साथ उसका घरेलू कामकाज में भी खूब मन लगता था। परिवार के लोग बताते हैं कि बुधवार रात को वह खाना पका रही थी। अचानक झोपड़ी में आग लग गई। उसके झुलसने की सूचना सौ नंबर पर किसी ने दी तो पुलिस कुछ ही देर में पहुंच गई। पीड़िता का बयान लेने के बाद पुलिस ने इलाज के लिए परिवार वालों को सौंप दिया। परिवार के लोग पुलिस के चक्कर में पड़ने से बचने के लिए सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के बजाए निजी डॉक्टर के पास ले गए। एसओ विक्रम सिंह का कहना है कि इस मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।