रेलवे ट्रैक पर मिली लाश, हत्या का शक
साऊंघाट।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुंडेरवा-ओड़वारा स्टेशन के बीच स्थित टेढी गुमटी ओवर ब्रिज के नीचे डाउन ट्रैक के बीच 35 वर्षीय शख्स की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। सुबह केबिन नंबर 192 के पास मिले शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ट्रेन से गिरकर दुर्घटना की बात कह रही है जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शव की दशा से हत्या का मामला प्रतीत होता है। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि हत्या या दुर्घटना की बात पोस्टमार्टम में स्पष्ट हो जाएगी।
बुधवार सुबह आसपास गांव के लोग नित्य क्रिया के लिए गांव से बाहर निकले तो शव देखकर पुलिस को खबर की। उधर, मुंडेरवा के स्टेशन मास्टर से मेमो मिलने पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मृतक की जेब से सिर्फ बीस रुपये के एक नोट के अलावा कोई कागज या आईडी नहीं मिली, जिससे शिनाख्त हो सकेे।
इसलिए हत्या की आशंका
ट्रैक पर पड़े शव की दशा देखकर ही हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रथम दृष्ट्या जिनकी नजर पड़ी, उनका कहना है कि शरीर का ज्यादातर हिस्सा ट्रैक के बीच में था मगर सिर में चोट कैसे लगी, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही। कहा जा रहा है कि यदि ट्रेन से गिरता तो उसकी शरीर ट्रैक के बीच कैसे मिलता? जबकि उसका दायां पैर कटा। ऐसा लग रहा है मानो ट्रैक के बीच कायदे से लाकर शव रखा गया। ट्रैक के अंदर गिट्टी भी वहां से हटाई गई थी। पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है।
भैंस से टकराई बाइक, युवक की मौत
बभनान।
गौर थाना क्षेत्र के तरैनी गांव निवासी रामसुंदर का 35 वर्षीय पुत्र अमर देव गौतम की सड़क हादसे में हो गई। अमर देव अपनी बहन के घर दुबौलिया थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव नाग पंचमी का सगुन लेकर गए थे। वह बहन से हालचाल लेने के बाद घूमने के लिए दुबौलिया बाजार गए। बाजार से लौटते समय उनकी बाइक से भैंस की टक्कर हो गई। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अमर देव बहन के घर नाग पंचमी का शगुन लेकर गए थे। बहन के घर पहुंचने के बाद वे बाइक लेकर दुबौलिया बाजार चले गए। देर शाम वह लौट रहे थे कि अचानक उनके बाइक के सामने भैंस आ गई। वह बाइक को नियंत्रित नहीं कर पाए और भैंस से जा भिड़े। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई। इससे वहीं थोड़ी ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद ग्रामीणों ने परिवार वालों को सूचना दी। सूचना के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। अमर देव घर के बड़े पुत्र थे। इसके भी तीन बेटियां और एक बेटा है। इनकी मौत से इस परिवार पर पेट पालने का संकट खड़ा हो गया है।