अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। एक तेंदुआ रास्ता भटक कर किसी तरह फरदापुर गांव पहुंच गया। तेेंदुए ने शनिवार सुबह करीब छह बजे एक युवक पर हमला कर दिया। युवक की चीख-पुकार पर पहुंचे लोगों को देखते ही तेंदुआ सीवान की तरफ भागने लगा। घबराए तेंदुए ने सामने खेत में काम कर रहे 54 वर्षीय किसान को भी लहूलुहान कर दिया। सुबह छह बजे से शाम तक आसपास के कई गांवों के लोग दहशत में रहे। शाम छह बजे कड़ी मशक्कत के बाद उसे देर शाम तक काबू में किया गया। फिर चिकित्सक की देखरेख में इलाज के बाद तेेंदुए को पिजरे में बंद कर वाहन से सोहगीबरवा वन्य जीव केंद्र भेज दिया।
हर्रैया कस्बे से तीन किलोमीटर दूर स्थित फरदापुर के ग्रामीणों के मुताबिक राम बहादुर के घर के सामने गड्ढे के पास युवक घनश्याम ने जैसे ही झाड़ियों में तेंदुए को देखा, तेंदुआ उस पर झपट पड़ा। चीख-पुकार पर लोग लाठी-डंडे लेकर दौड़े और तेंदुए को पीटने लगे। इससे घबराया तेंदुआ गांव के पंश्चिम की ओर सीवान की तरफ भाग निकला। यहां खेत में काम कर रहे राम बदल पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। गांव वालों ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। इसके बाद तेंदुआ वहां से भी निकल भागा और राम सागर तिवारी के घर के सामने पहुंचा। डर के मारे उनकी पत्नी-बेटी भागकर घर में छिप गईं।
पीछे से आ रहे ग्रामीणों के शोर मचाने से डरा-घबराया तेंदुआ रिटायर्ड शिक्षक राम उजागिर तिवारी के घर के सामने बने भुसैल में जा छिपा। मौके पर डीएफओ बीके मिश्रा व पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। लोगों से हमला करने वाले जीव के बारे में पूछताछ व पदचिह्नों के आधार पर तेंदुआ होने की बात प्रमाणित हुई। सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। मौके पर सीओ राहुल पांडेय, एसडीएम दिनेश कुमार, एसआई संजय यादव, राम अधार चौहान, अमित सिंह, वन दरोगा आरआर वर्मा सहित अन्य तेेंदुए को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों के आने का इंतजार करने लगे।
दहशत में रहे गांव के लोग
हर्रैया। फरदापुर गांव में सुबह तेंदुए के हमले में दो लोगों के घायल होने की खबर सुन लोग दहशत में आ गए। बच्चे और बुजुर्ग घरों में कैद रहे। जब तक पुलिस व वन कर्मी गांव में नहीं पहुंचे तब तक लोगों ने घरों के दरवाजे बंद रखे। जैसे-जैसे भीड़ और पुलिस मौके पर पहुंची, लोगों की हिम्मत बढ़ी और घरों से बाहर निकले। प्रत्यक्षदर्शी कृष्णावती ने बताया कि जब तेंदुआ उनके घर के सामने आया तो देखते ही गुर्राया। वह कुछ समझ नहीं पाईं और बेटी अकांक्षा के साथ भागकर घर में घुसीं और दरवाजा बंद कर लिया। बाद में तेंदुआ उछलकर बाउंड्री पार करते हुए बगल के घर पर चढ़ गया। फिर सामने बने बरामदे के भुसैले में जाकर छिप गया। गांव के ही संतोष त्रिपाठी ने बताया कि हम लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो राम बदन की जान भी जा सकती थी। तेंदुआ भीड़ देखकर बेकाबू हो चुका था।