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सरकारी डाक्टरों की क्लीनिक पर छापा, हड़कंप

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सरकारी डॉक्टरों के क्लीनिक पर छापा
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बस्ती।
सरकारी डॉक्टरों की ओर से निजी प्रैक्टिस करने की शिकायतों के बीच शनिवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। छापेमारी की जानकारी होते ही तीनों डॉक्टर भाग खड़े हुए। टीम ने इनके क्लीनिक की वीडियोग्राफी कराई है। तीन सरकारी डॉक्टरों के क्लीनिक पर छापे की खबर के बाद निजी प्रैक्टिस कर अकूत कमाई कर रहे कई अन्य सरकारी डॉक्टरों के होश उड़ गए हैं। इधर, सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने तीनों डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
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सरकारी अस्पताल में मरीजों को देखने के बजाय निजी क्लीनिक पर बुला इलाज करने की लगातार शिकायतों के बाद आखिरकार प्रशासन सक्रिय हो गया। डीएम अरविंद कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम भगवान शरण और एसीएमओ डॉ. एफ हुसैन की टीम ने सबसे पहले दक्षिण दरवाजा स्थित ओम सेंटर पर छापा मारा। क्लीनिक के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी। यहां जिला अस्पताल में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके गुप्ता निजी प्रैक्टिस करते पाए गए। टीम को देखते ही वह हड़बड़ा गए और मरीजों को देखना बंद कर वहां से खिसक लिए। यहां मौजूद मरीजों से पूछताछ के बाद बाद टीम जिला अस्पताल स्थित बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बीपी यादव के आवास पर जा धमकी। यहां मरीज बाहर थे मगर डॉ. यादव बाहर खड़े मिले, टीम को देखते ही वह हट गए। यहां कार्रवाई निपटाने के बाद टीम बस्ती मुंडेरवा मार्ग पर स्थित नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएस कन्नौजिया के आवास पर पहुंच गई। यहां भी मरीजों की भीड़ मौजूद पाई गई मगर डॉक्टर मौके से फरार हो गए। टीम जांच-पड़ताल कर लौट आई। एडीएम भगवान प्रसाद ने छापेमारी की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी चिकित्सक घर पर निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। यह पुष्ट हो गया है। सीएमओ इसकी रिपोर्ट करेंगे। इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इन डॉक्टरों के खिलाफ हाईकोर्ट में पंजीकरण के बाद प्रैक्टिस करने का आदेश है मगर जांच में इनके पास पंजीकरण नहीं मिला है।
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