आत्मदाह के दौरान पकड़ा गया, हवालात
बस्ती। मुंडेरवा क्षेत्र के बेहिल निवासी गंगाराम यादव नोटिस के मुताबिक आत्मदाह का प्रयास किया। शरीर पर केरोसिन उड़लते ही पुुलिस ने कब्जे में लेकर हवालात भेज दिया।
मंगलवार को गंगाराम के कलेक्ट्रेट पहुंचते ही परिसर पूरा छावनी में बदल गया। बावजूद वह पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। शरीर में तेल डाल कर जैसे ही आग लगाने जा रहा था, पुलिस ने दबोच लिया। कोतवाली पुलिस ने गगांराम को मुंडेरवा पुलिस के वाले कर दिया, जहां पर उसका 151 में चालान कर जेल भेज दिया गया। लगभग एक सप्ताह पहले गंगाराम यादव ने 24 जुलाई तक तालाब पर कब्जा न हटवाने पर 25 को डीएम कार्यालय पर आत्मदाह करने को चेताया था, हालांकि इसकी खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद डीएम अरविंद सिंह के आदेश पर तालाब पर कब्जा करने वाले रामखेलावन और राम प्यारे के विरुद्घ भू-माफिया की श्रेणी में डालते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। गंगाराम का कहना था कि जब तक तालाब पर से कब्जा नहीं हटवाया जाएगा तब तक वह आत्मदाह करने के निर्णय पर कायम रहेगा। इसे देखते हुए मंगलवार की सुबह से नए कलेक्ट्रेट गेट पर भारी संख्या पुलिस और एलआईयू के लोग तैनात रहे। करीब साढ़े 11 बजे गंगाराम पुलिस को चकमा देते हुए अपने ऊपर केरोसिन डाल लिया, अभी वह माचिस जलाने ही वाला था कि पुलिस और एलआईयू के लोगों ने उसे दबोच लिया। कोतवाल कपिलमुनि सिंह ने बताया कि गंगाराम को मुंडेरवा के हवाले कर दिया गया। मुंडेरवा एसओ प्रभारी शिवाजी मिश्र ने बताया कि 151 में चालान किया गया बताया कि चालान के बाद एसडीएम कोर्ट में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।
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आनन-फानन में कब्जा हटाया
बनकटी। डीएम के निर्देश पर तहसीलदार अनिल कुमार रस्तोगी, नायब तहसीलदार अमर चंद्र वर्मा और मुंडेरवा थाने की पुलिस ने मंगलवार को बेहिल पहुंचकर तालाब पर से कब्जा हटवाकर उसे प्रधान को सुपुर्द कर दिया। तहसीलदार ने बताया कि इस तालाब पर गंगाराम यादव, रामखेलावन और रामप्यारे तीनों ने कब्जा कर रखा था। बताया कि नोटिस के बाद गंगाराम यादव ने तो अतिक्रमण हटवा लिया, मगर अन्य दोनों ने नहीं हटाया और तालाब पर पक्का मकान बनवा लिया। इस कार्रवाई में एसआई बीएन उपाध्याय, एसओ रूधौली और अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।