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बूढ़े पिता के कंधे पर अर्थी उठी तो फफक पड़ा गांव....

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बूढ़े पिता के कंधे पर अर्थी उठी तो फफक पड़ा गांव
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अंडमान निकोबार में बिजली की चपेट में आने से हुई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरपुर। भारतीय वायुसेना के तीस वर्षीय वीर सपूत महेश अग्रहरि की अंडमान निकोबार में बिजली के चपेट में आने से मौत हो गई। उनकी मौत पर पूरा इलाके में मातम है। अंतिम संस्कार के लिए जब बुजुर्ग पिता के कंधे पर बेटे की अर्थी उठी तो वहां मौजूद हर कोई फफक पड़ा। हालांकि जवान के अंतिम संस्कार में जिले के अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की गैर मौजूदगी क्षेत्र में चर्चा का विषय है।

देश सेवा में चार बेटे
पिपरा गौतम निवासी चिराऊ अग्रहरि के सात बेटों के साथ पूरा परिवार देशभक्ति से ओतप्रोत है। देश के प्रति माता-पिता के जज्बे के चलते चार बेटे वायुसेना में देश सेवा में लगे थे। महेश तीसरे नंबर पर था। वर्ष 2015 में भारतीय वायुसेना में उसका चयन हुआ। बेटे की मौत की खबर ने बुजुर्ग पिता को भीतर तक हिला दिया। इसकी सूचना मां इंद्रावती को हुई तो वह बेटे की गम में बेहोश हो गईं। अचानक चिराऊ के घर में चीख-पुकार से वहां ग्रामीण एकत्रित गए। किसी की हिम्मत नहीं हो रही थी कि ऐसे समय में परिवार को ढांढस बंधाए।
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मेहंदी छूटने से पहले उठी पति की अर्थी
महेश की शादी डेढ़ वर्ष पहले संजू से हुई थी। डेढ़ माह पहले उसका गौना आया। छुट्टी बिताकर वह महज पंद्रह दिन पहले ड्यूटी पर गया था। तभी एक जून को मौत हो गई। अभी तो संजू के हाथ की मेहंदी भी नहीं छूटी थी कि उसके हंसते-खेलते जीवन में पति की मौत का तूफान आ गया।
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