छावनी क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार रात चोरों ने एक घर से नकदी और जेवरात समेटने के बाद तीन साल की मासूम को हवस का शिकार बना डाला। मेडिकल के लिए भेजी गई बच्ची की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस उच्चाधिकारियों के साथ डाग स्कवॉयड व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पास्को एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक शुक्रवार रात परिवार के पुरुष सदस्य घर के बरामदे में सो रहे थे। रात में करीब ढाई बजे के आसपास बच्ची की रोने की आवज सुनाई दी। बच्ची रात में मां के पास सोई थी। लोग बच्ची को ढूंढने लगे तो देखा की घर के पिछवाड़े स्थित नल के पास जमीन पर पड़ी वह तड़प रही थी। लोग उसे उठाकर भीतर रोशनी में लाए तो शरीर के अंतरंग हिस्से से खून निकलता देखा, इसकी वजह से उसके कपड़े भी खून से भीग गए थे। कमरे के भीतर बाक्स भी खुला हुआ मिला। बक्से में रखी चांदी के करधन, पायल व अन्य जेवरात के अलावा दो हजार रुपये भी गायब थे।
घटना की सूचना छावनी पुलिस को दी गई। घटनास्थल पर पहुंचे थानाध्यक्ष एमपी चतुुर्वेदी ने छानबीन शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी सूचना दी। एसपी संकल्प शर्मा व सीओ एसएन सिंह भी गांव में पहुंचे और आवश्यक दिशा निर्देेश देकर वापस लौट आए। पुलिस ने पीड़ित को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा। पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर दी है। इस जघन्य घटना से पूरा गांव सहम गया है।
लोगों में गुस्सा, गिरफ्तारी की मांग
छावनी। तीन साल की मासूम से दुष्कर्म पर लोगों में गुस्सा है। गांव वालों ने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। चोरी और तीन साल की बच्ची के साथ रेप की दिल दहला देने वाली घटना के पीछे का कारण को लोग समझ नहीं पा रहे हैं। हैवान अगर केवल चोरी नियत गए होते तो रेप क्यों करते? अगर रेप करना था तो बड़ी लड़की को छोड़कर मासूम बच्ची को क्यों अपने हवस का शिकार बनाया? पुलिस भी इन सब बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है। लड़की की डॉक्टरी रिपोर्ट के बाद ही रेप की पुष्टि होगी।