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माफिया के कब्जे में पालिका की जमीन

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अधिग्रहीत जमीन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बस्ती। नगर पालिका परिषद की बेशकीमती जमीनों पर माफिया का कब्जा है। कई जमीन तो ऐसी है, जो साठगांठ से भू-माफिया ने पालिका के अभिलेखों से भी गायब करा दिया है।
चुंगी भवनों पर अवैध कब्जों का खुलासा के बाद पालिका की जमीन पर कब्जा करने का एक और मामला खुलकर सामने आया। यहां शहर के दो अलग-अलग स्थानों का कूड़ा एकत्रित किए जाने वाले ट्रचिंग ग्राउंड का अभिलेखों में तो उल्लेख है, मगर धरातल पर यह जमीन माफिया ने बेच कर नकद कर लिया है। मामला तब खुला जब एक वार्ड सदस्य ने शासन से लगायत जिला प्रशासन तक इस जमीन पर कब्जे की शिकायत दर्ज कराई।
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शहरी क्षेत्र का कूड़ा एकत्रित करने के लिए पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के खाली जमीन व मडवानगर रोड पर स्थित जमीन को पालिका ने ट्रचिंग ग्राउंड बनाया। यहां शहर से उठने वाला कूड़ा एकत्रित कर उसे निस्तारित किया जाता था। वर्षों तक यहां कूड़ा डंप किया जाता था, मगर शहरीकरण के बाद तेजी से विकसित शहरी आबादी के चलते इस स्थान को छोड़ कर पालिका अपना कूड़ा इधर-उधर निस्तारित करने लगी। इधर समय बदला तो पालिका इन स्थानों की जमीन को खाली कर वैसे ही छोड़ दिया। आबादी बढ़ने के साथ भू-माफिया का दायरा बढ़ा और देखते ही देखते पालिका के करोड़ों की जमीन को अपना बताकर इसे बेच दिया। मडवानगर रोड पर स्थित इस जमीन पर अब भवन खड़ा है, जबकि संजय कालोनी स्थित जमीन को भी औने-पौने में भू माफिया ने बेच दिया हैं। हालांकि इस पर अभी निर्माण तो नहीं हुआ है, मगर अवैैैैध कब्जा बरकरार है।
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नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डा. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि ट्रंचिंग ग्रांउड पर कब्जा का मामला संज्ञान में आ गया है। अभिलेखों की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ है कि पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा चुका है। वार्ड सदस्य की भी शिकायत मिल गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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