हत्थे चढ़े निर्मल गिरोह के पांच सदस्य
बस्ती। किराए की कार लेकर एटीएम दर एटीएम घूमकर रकम चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का एसओजी टीम ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के लोग तेलंगाना तक जाकर वारदात को अंजाम दे चुके हैं। प्रतापगढ़ जिले का निर्मल पांडे गिरोह रायबरेली, इलाहाबाद, अमेठी, अयोध्या, लखनऊ, गोरखपुर, सुल्तानपुर में बैंक खाते खंगाल चुका है।
पुलिस के हत्थे चढ़े सरगना समेत पांच सदस्यों के कब्जे से कई एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, कार, तमंचे आदि बरामद किए गए। इनके पास से एटीएम धोखाधड़ी के 22 हजार 715 रुपये भी बरामद किए गए। पर्दाफाश करने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि किराए की कार लेकर गिरोह के सदस्य दूर-दराज के एटीएम बूथ पर मंडराते रहते हैं। जैसे ही कोई सीधासादा व्यक्ति कार्ड लेकर पहुंचता है, इनके साथी मदद या किसी अन्य बहाने से कार्ड बदल लेते हैं अथवा पासवर्ड की चोरी कर लेते हैं। क्षेत्राधिकारी कलवारी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक कप्तानगंज, एसओजी प्रभारी अवधेश राज सिंह व उनकी टीम ने मंगलवार को कप्तानगंज स्टेट बैंक के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया। एसपी का कहना है कि प्रतापगढ़ जिले के पट्टी थाना अंतर्गत वर्ष-2018 में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ था, तब से फरार इस गिरोह के सदस्यों को पुलिस ढूंढ रही थी। सरगना निर्मल ने बताया कि वे लोग एटीएम बूथ के आसपास खड़े रहकर नजर रखते हैं। गिरोह के सदस्य साइबर तकनीकी से दक्ष हैं।
एसपी ने बताया कि निर्मल पांडेय निवासी रढ़वत थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़, मनोज कुमार वर्मा निवासी कोहराव थाना पट्टी जनपद प्रतापगढ़, अतुल सरोज निवासी ढाढ़र थाना आसपुर देवसरा जनपद प्रतापगढ़, जय प्रकाश तिवारी निवासी रढ़वत थाना कंधई जनपद प्रतापगढ़, संतोष कुमार सरोज को गिरफ्तार किया गया है।
कामयाबी की बोहनी
पुनगर्ठित स्पेशल आपरेशन ग्रुप यानी एसओजी के खाते में यह पहली कामयाबी दर्ज की गई। बसंत पंचमी के दिन कामयाबी की बोहनी मानी जा रही है। 2015 में क्राइम ब्रांच (स्वॉट टीम) का गठन करने के साथ ही एसओजी टीम भंग कर दी गई थी। पिछले हफ्ते शासन के निर्देश पर फिर से यह टीम अस्तित्व में आ गई। एसपी ने बताया कि फिलहाल स्वाट और एसओजी दोनों अपराध नियंत्रण पर काम करेगी।