बस्ती। मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 के तहत स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग का अभियान जारी है। बृहस्पतिवार को विभागीय टीम ने 11 स्कूली वाहनों की जांच की। अधूरे दस्तावेज मिलने पर दो वाहनों का चालान किया गया, जबकि तीन वाहन सीज किए गए। अभियान के तहत अब तक 17 स्कूली वाहनों के चालान और छह से अधिक वाहनों को सीज किया जा चुका है।
एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई के नेतृत्व में पीटीओ की टीम ने विभिन्न स्थानों पर स्कूली वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण प्रमाणपत्र, बीमा, परमिट और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई।
जांच के दौरान मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले और खटारा वाहनों को सड़क से हटाने की कार्रवाई की गई। विभाग ने स्कूल प्रबंधन को स्कूली वाहनों में महिला कंडक्टर की तैनाती अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर शासन के स्पष्ट निर्देश हैं। इसमें किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
वाहन पर दर्ज हो स्कूल का नाम और मोबाइल नंबर
परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि प्रत्येक स्कूली वाहन पर चालक का नाम, स्कूल का नाम और स्कूल का मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से अंकित हो। वाहन चालकों का चरित्र प्रमाणपत्र बनवाने और आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद ही उन्हें वाहन संचालन की जिम्मेदारी देने को कहा गया है।
आरटीओ प्रशासन फरीउद्दीन ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा विभाग की प्राथमिकता है। स्कूल प्रबंधन को वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज दुरुस्त रखने और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।