नगर बाजार। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन और संसद मार्च के समर्थन में कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा माले ने कलक्ट्रेट पर एक दिवसीय प्रतिवाद एवं प्रदर्शन आयोजित किया। कार्यक्रम में कांग्रेस नगर अध्यक्ष यशराज केके और अनुसूचित नगर अध्यक्ष अखिलेश कुमार भी शामिल हुए और छात्र हितों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग कर पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाई। साथ ही नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने, देश में बढ़ते पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने तथा सभी विद्यार्थियों के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।
यशराज केके ने दिल्ली में शांतिपूर्ण अनशन पर बैठे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक तथा छात्र संगठन आइसा के नेताओं के साथ पुलिस की कार्रवाई की भी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार छात्रों और युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्ती सहित पूरे देश में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
इस अवसर पर भाकपा माले के जिला प्रभारी रामलौट, जिला सचिव मनीष कुमार आदि मौजूद रहे।