कहा-सामान्य अपराधियों के खिलाफ दिखाती है तेजी, दुर्दांत के खिलाफ नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के केस की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/ विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने बस्ती पुलिस के खिलाफ तल्ख टिप्पणी की है।
कुर्की के नोटिस के आदेश में अदालत ने कहा है कि जहां सामान्य गरीब अपराधियों के संदर्भ में स्थानीय पुलिस तत्परता के साथ अपेक्षा से अधिक प्रभावी पैरवी करती नजर आती है, वहीं प्रभावशाली दुर्दांत अपराधियों के संदर्भ में किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाती है। इस प्रकरण में एसपी बस्ती की कार्यप्रणाली आपत्तिजनक है। पुलिस की अकर्मण्यता के कारण अभियुक्त फरार चल रहा है।
दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने बस्ती के एसपी को अमरमणि को गिरफ्तार करके पेश करने के लिए कहा था। एक नवंबर की पेशी तय की थी। बस्ती एसपी ऐसा करने में नाकाम रहे। इस पर अदालत ने उन पर सख्त टिप्पणी की है। वहीं आरोपी अमरमणि के खिपाफ भी सख्त हो गई है।
बता दें कि छह दिसंबर 2001 को व्यापारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल का अपहरण हो गया था। इस मामले में कोतवाली थाने में अपहरण का केस दर्ज कराया गया था। केस से संबंधित आरोपी के बयान के आधार पर अमरमणि त्रिपाठी का नाम केस में जुड़ा था। आरोप है कि लखनऊ के जिस मकान से अपहृत बालक मिला था, वह अमरमणि का था।