बस्ती। यूपी एसटीएफ लखनऊ ने कप्तानगंज थानाक्षेत्र के सेंठा गांव में मां-बेटी की हत्या के आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था।
भाई की जमीन हड़पने के लिए चार दिसंबर की रात हुई वारदात में पुलिस ने मृतका गोदावरी के जेठ, उनके बेटे, सौतेले बेटे सहित सात नामजद व दो अज्ञात पर केस दर्ज किया है। इनमें सात आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। मुख्य आरोपी के बेटे कौशल चंद्र और बहू रंजना उर्फ मंजली को शुक्रवार को सुबह साढ़े छह बजे गड़हा गौतम के पास गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी ओम प्रकाश सिंह ने सीओ प्रदीप कुमार तिवारी के साथ पुलिस लाइंस प्रेक्षागृह में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि फरारी के दौरान कौशल चंद्र अपनी पत्नी के साथ ससुराल में प्रयागराज, पटना, बिहार, नेपाल दिल्ली मुंबई आदि में जगह-जगह बदल कर रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उसके भाई राजन ने जमीन कब्जा कराने का लालच दिया था।
सेंठा गांव में चार दिसंबर 2024 को गोदावरी देवी (58) और उनकी बेटी सौम्या (24) का कमरे में 80 फीसदी जला शव मिला था। गोदावरी की बड़ी बेटी सरिता ने बड़े पिता कमलेश उपाध्याय उर्फ बिलोदर, सौतेले भाई करुणाकर उर्फ लल्लन, सगे भाई राजन उर्फ राजेश, बिलोदर के बेटे कौशल चंद्र, कमलेश की पत्नी शांति देवी, राजन की पत्नी शिल्पा, कौशल चंद्र की पत्नी रंजना और दो अन्य अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। इनमें कमलेश उर्फ बिलोदर, शिल्पा, शांति, करुणाकर, राजन और मुंबई के मो. आसिफ शेख को गिरफ्तार किया जा चुका है। मगर दो आरोपी कौशलचंद्र और रंजना उर्फ मंजली पुलिस को छका रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए 20 जनवरी को एसटीएफ को टास्क सौंपी गई थी। करीब साढ़े तीन महीने छकाने के बाद दोनों शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गए।