संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद के कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई। इस दौरान आम उपभोक्ताओं की समस्याओं पर मंथन किया गया। न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और डीएम रवीश गुप्ता ने आम उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए मजबूत पक्ष रखा। इस पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई।
परिषद के अध्यक्ष डीएम ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखना परिषद का मुख्य उद्देश्य है। न्यायिक हित में प्रत्येक नागरिक जिम्मेदारी से प्रमाणिक गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं का उपभोग करें तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। जिले में स्थापित उपभोक्ता न्यायपीठ सरलतापूर्वक न्याय दिलाने में सक्षम है। उपभोक्ता न्यायालय के न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने कहा कि जनपद स्तर पर जिला प्रशासन उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने में अपेक्षित सहयोग कर रहा है। व्यापक स्तर पर जनजागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता हैं। इसमें मीडिया एवं अन्य संगठनों की भूमिका अहम हैं।
एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता खुद जागरूक हों। इसके लिए व्यापारी बंधु अपने प्रतिष्ठानों पर तौल, गुणवत्ता आदि के संबंध में बोर्ड, पोस्टर लगाकर उपभोक्ताओं को जानकारी दे सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे उपभोक्ता न्यायालय के मध्यस्थ महादेव प्रसाद दुबे ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम- 1986 एवं 2019 के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान डीएम ने डीएसओ सत्यवीर सिंह को निर्देशित किया कि परिषद के क्रियाकलापों की जानकारी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी सदस्यों को जोड़ा जाए।
अधिवक्ता विजय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि न्यायाधीश के निर्देशन में अभी 1300 मुकदमों का निस्तारण किया गया है। त्वरित न्याय व्यवस्था से उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है। जगदीश अग्रहरि, सुनील कुमार गुप्ता, भावेश कुमार पांडेय, जयप्रकाश यादव ने भी बैठक को संबोधित किया।क