नेशनल हैंडबॉल खिलाड़ी राधना भास्कर
बस्ती। जिले के कुसमौर की रहने वाली हैंडबॉल की नेशनल खिलाड़ी राधना (25) का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उसका कहना है कि बचपन में पिता का साया सिर से उठने के बाद बड़े भाई दीप नारायण भाष्कर ने पढ़ाई के साथ उसके खेल पर असर नहीं आने दी। हर कदम पर साथ निभाया। यही वजह रही इसी साल उसे खेल कोटे से पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर में ग्रुप डी में नौकरी मिल गई।
राधना ने बताया कि 2021 में कजाकिस्तान जाने वाली टीम इंडिया में उसका चयन हो गया था। दुर्भाग्य वश उस समय उसके पास पासपोर्ट नहीं था। ऐसे में वह टीम इंडिया का हिस्सा नहीं बन पाई, मगर अब भी उसके हौसले टूटे नहीं हैं। उसका कहना है कि एक न एक दिन उसका यह सपना जरूर पूरा होगा। बस्ती में चल रही राज्य स्तरीय हैंडबाॅल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई राधना ने शुक्रवार को बातचीत में बताया कि 2017 में वह बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज बस्ती में नौवीं की छात्रा थी, उस समय छात्राएं स्कूल में हैंडबॉल की प्रैक्टिस किया करती थीं। देखते ही देखते उसे भी इस खेल से लगाव हो गया।
उन्होंने बताया कि कुछ दिनों तक स्कूल में प्रैक्टिस करने के बाद हैंडबाॅल खिलाड़ी अजय श्रीवास्तव की सलाह पर वह शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में अपने खेल में निखार लाने के लिए आने लगी। यहां उसकी मुलाकात हैंडबॉल कोच सुरेश बोनकर से हुई। उन्होंने खेल की बारीकियां सिखाईं, फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
बताया कि यूपी की टीम की तरफ से 2018 में उसने पहली बार गाजियाबाद में हुई सब जूनियर नेशनल गेम में लिया। इस प्रतियोगिता में उनकी टीम तीसरे स्थान पर रहीं। 2019 में भी वह सब जूनियर खेल चुकी हैं। 2018 से लगातार चार बार जूनियर नेशनल गेम खेलने वाली राधना ने बताया कि इस खेल में उसने दो कांस्य और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। 2022 में वह यूपी की टीम की तरफ से सीनियर नेशनल भी खेल चुकी हैं। इसके अलावा तमाम प्रतियोगिताओं में उसने हिस्सा लिया, जहां उसके खेल को खूब सराहा गया।
नेशनल हैंडबॉल खिलाड़ी राधना भास्कर