कोरोना : तीसरी लहर में 60 डॉक्टर, 30 नर्स बनेंगे ढाल
सरकारी चिकित्सालयों के अलावा तीन निजी अस्पतालों को भी तैयार रहने के दिए निर्देश
तीन आक्सीजन प्लांट तैयार, दो का इंतजार, दवाओं और उपकरणों की भेजी गई डिमांड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य महकमे की नींद उड़ गई है। दिन-रात इसी तैयारी में जुटा है। इधर शासन ने भी तैयारियों का खाका मांगा है, जिसे मंत्रालय को भेज दिया गया है। तीसरी लहर के लिए जो खाका तैयार किया गया है। उसमें 60 डॉक्टर, 30 स्टाफ नर्स अलावा पैरामेडिकल व आक्सीजन तकनीशियन लगाए गए हैं। यह सभी जिले में कोरोना की तीसरी जंग लड़ेंगे। इसके अलावा जिले के तीन निजी चिकित्सालयों को भी तीस-तीस बेड तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। यहां अलग से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती चिकित्सालय प्रबंधन करेगा।
तीसरी लहर से लड़ने के लिए तीन आक्सीजन प्लांट यूनिट के अलावा दो की स्थापना के लिए उपकरण भेजने की डिमांड शासन से की गई है। इन पर तकनीशियनों की तैनाती भी शासन स्तर से की जाएगी। स्थानीय स्तर पर तैनाती के लिए शासन का दिशा-निर्देश अधिकारियों ने मांगा है। जिला अस्पताल में नान कोविड अस्पताल बनाया जाएगा, मगर यहां वेंटीलेटर युक्त 50 शैय्या का पीआईसीयू तैयार है। इसके अलावा ओपेक चिकित्सालय कैली में 100 शैय्या पीआईसीयू तैयार किया जा रहा है। यहां कोविड-19 के बीमार भर्ती किए जाएंगे। इसके अलावा चाइल्ड केयर फैसेलिटी को तैयार किया जा रहा है। यह सेंटर 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा। यहां आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की भी तैनाती की जाएगी। इसके लिए राज्य स्तर से चार चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि जिला स्तर पर चिकित्सक सहित 120 मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया है। मिनी पीआईसीयू को और सुसज्जित करने की तैयारी चल रही है। हर्रैया, गौर और कुदरहा में स्थापित दस-दस शैय्या इन अस्पतालों में संसाधनों को चलाकर देखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा दुबौलिया, मरवटिया, भानपुर और मुंडेरवा में एल वन प्लस के 30-30 बेड अस्पतालों तैयार हैं। सीएमओ डॉ. अनूप कुमार ने तैयारी की पुष्टि करते हुए कहा कि यह लहर बच्चों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। इसके लिए सभी तैयारियां शासन के निर्देश पर पूरी कर ली गई हैं। मंत्रालय को तैयारियों का खाका खींचकर भेज दिया गया है। वहां दवाओं और उपकरणों की डिमांड के अलावा चिकित्सकों व कर्मियों की भी मांग की गई है।