संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मिड-डे-मील रसोइया कर्मचारी यूनियन के जिला मंत्री ध्रुवचंद के नेतृत्व में रसोइयों ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष केके तिवारी ने कहा कि रसोइयों के साथ शासन-प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है। न्यूनतम मानदेय सहित अन्य लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। सरकार धीरे-धीरे प्राथमिक शिक्षा के अपने संवैधानिक दायित्व से पीछे हट रही है। चंद्रावती केस में उच्चतम न्यायालय के निर्णय को लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि दूसरे चरण में तीनों जनपद मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन पूर्ण होने पर अगले चरण में मांगों को लेकर आयुक्त बस्ती मंडल के समक्ष रसोइया इकट्ठा होकर आंदोलन करेंगे।
आंदोलन का यह क्रम 26 नवंबर को लखनऊ में एमडीएम निदेशक के कार्यालय पर प्रदर्शन प्रस्तावित है। जिला मंत्री ध्रुव चंद ने कहा कि मानदेय दो हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 26000 रुपये प्रति माह किया जाना चाहिए।
50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद करने से बच्चों का भविष्य खराब होगा। नवनीत यादव ने रसोइयों को अनावश्यक रूप से सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक विद्यालयों पर रोके जाने को गलत बताते हुए कहा कि कार्य पूरा हो जाने पर रसोइयों को जाने दिया जाय।
इस मौके पद विशाला, रीना वर्मा, घनश्याम, प्रेमशीला आदि ने न् साल में दो जोड़ी वर्दी देने सहित मृतक आश्रित, पेंशन व अन्य श्रमिक हित लाभ दिए जाने की मांग की।