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गोशाला में मरी दो गाय, जिम्मेदार बोले खा लो

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गोशाले का सफाईकर्मी बोला दो जानवर मर गए, एडीओ ने कहा खा लो
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रुधौली (बस्ती)। ‘सर! दो जानवर मर गए हैं...तो मुझको क्यों बता रहे हो। मर गए हैं,.. कुछ व्यवस्था करो। खाय लायक हो तो खाय जाओ।’ गोशाले में ‘दो जानवरों’ के मरने को लेकर विकास खंड बजहा बस्ती स्थित गोशाला के सफाईकर्मी विजयसेन पटवा और एडीओ पंचायत राजेश पांडेय के बीच हुए वार्तालाप का यह हैरतनाक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले में अमर उजाला से हुई बातचीत में एडीओ पंचायत ने माना कि गुस्से में गलती हो गई, अपनी बात वापस ले रहा हूं। वहीं, सफाईकर्मी पटवा ने कहा कि मैं डीएम से शिकायत करूंगा। सुनवाई नहीं हुई तो लखनऊ जाकर शिकायत करूंगा।
मामला शनिवार का है। जानकारी के मुताबिक विजयसेन पटवा, बजहा स्थिति गोशाले में बतौर सफाईकर्मी तैनात हैं। उन्होंने गोशाले में ‘दो जानवरों’ के मर जाने और खुद को चोट लगने की सूचना देने के लिए एडीओ को फोन किया था। जिसे सुनते ही वे हत्थे से उखड़ गए और उसे कई ‘उपाधियों’ से नवाजते हुए, सुझाया कि कुछ व्यवस्था करो। खाने लायक हो तो खा जाओ। जवाब में सफाईकर्मी ने श्राद्धपक्ष का हवाला देते हुए खाने में असमर्थता जताई, मगर उन जानवरों के निस्तारण के लिए कसाई बुलाने की बात जरूर कही। सफाईकर्मी का कसाई को बुलाने की बात कहना भी साफ संकेत करता है कि इन गोशालाओं में गोवंश के साथ क्या सुलूक हो रहा है और अधिकारियों का इनके प्रति नजरिया क्या है ?
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इस ऑडियो में जिस जानवर को लेकर बात हो रही है, यह किसी के लिए भी समझना मुश्किल नहीं होगा कि गोशाला में कौन सा जानवर हो सकता है? हालांकि सफाईकर्मी ने अमर उजाला से पुष्टि की कि मरने वाली एक गाय और एक बछड़ा था, जिनके बारे में वे एडीओ को जानकारी दे रहे थे। जिस पर एडीओ ने उनसे यह सब कहा। उस जानवर को निपटाने के लिए एडीओ पांडेय जो तरीका बता रहे हैं, वह किसी को भी हिला देने वाला है। यह एक संकेत भी है कि गोशाले में मरणासन्न-मृत जानवरों के साथ क्या हो रहा है? यही नहीं पांडेय का मातहत से बात करने का तरीका भी उतना ही घटिया है, जितनी वायरल ऑडियो में उनकी सोच। चौंकाने वाली बात यह है कि एक तरह सरकार गोवंश संरक्षण के लिए किस कदर चिंतित है, दूसरी ओर उसके अधिकारियों का यह मिजाज है। इस संबंध में विकासखंड के प्रभारी बीडीओ सियाराम चौधरी का कहना है कि वायरल ऑडियो की जांच कराई जाएगी, यदि एडीओ पंचायत ने ऐसा बयान दिया है तो निश्चित ही उनपर कार्रवाई की जाएगी।
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गुस्से में बोल गया था-एडीओ पंचायत
इस मामले में संबंधित सफाईकर्मी को अपने सेक्त्रस्ेटरी को फोन करना चाहिए था। जब सफाईकर्मी का फोन आया तो मैं एक कार्यक्त्रस्म को लेकर काफी व्यस्त था। गुस्से में मेरे मुंह से यह सब निकल गया, मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ।
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डीएम से शिकायत करूंगा-पटवा
दिव्यांग हूं फिर भी गोशाला में डयूटी लगा दी गई। आज अधिकारी ने जो दुर्व्यवहार किया है इसकी शिकायत डीएम से करूंगा। मैं माफ करने वाला नहीं ऊपर तक लड़ाई लड़ूंगा। दो पशुओं के मरने की खबर देना कोई गुनाह था क्या। हमेशा अभद्र व्यवहार किया जाता है।
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