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Basti News: तूल पकड़ रहा विक्रमजोत गन्ना समिति बोर्ड बैठक में हुआ विवाद

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- अपमानित हुए जांच अधिकारी गन्ना पर्यवेक्षक ने छावनी थाने में दी तहरीर
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- चेयरमैन और एक निदेशक के सदस्य बनने की पात्रता को लेकर उठे हैं सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। सहकारी गन्ना विकास समिति विक्रमजोत बोर्ड कमेटी की 20 नवंबर को हुई बैठक में निदेशक और गन्ना पर्यवेक्षक के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। घटना के दो दिन बाद शनिवार को गन्ना पर्यवेक्षक अर्जुन प्रसाद गौड़ ने छावनी पुलिस को तहरीर देकर निर्विरोध चुने गए निदेशक कुलदीप सिंह और वर्तमान चेयरमैन के पिता डाॅ. अरविंद कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही जिलाधिकारी, विधायक और जिला गन्ना अधिकारी को भी उसकी प्रति भेजी है।
शिकायतकर्ता गन्ना पर्यवेक्षक अर्जुन प्रसाद ने तहरीर में बताया कि बुधवार को समिति कार्यालय में गन्ना मूल्य भुगतान और पेराई सत्र संचालन के लिए बोर्ड की बैठक चल रही थी। मौजूद बभनान चीनी मिल के सीनियर केन इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह और समिति के सचिव देवस्वरूप शुक्ल ने उन्हें बुलाकर जिव नारायनपुर और दुभरा निर्वहन गांव की शिकायत की जांच मामले में जानकारी देने को कहा। आरोप है कि बैठक में मौजूद निदेशक कुलदीप सिंह व डाॅ. अरविंद कुमार सिंह ने मनमाफिक रिपोर्ट न लगाने के कारण उन्हें अपमानित करते हुए मारने की कोशिश की।
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बोर्ड बैठक के हंगामे में बोर्ड निदेशक व उनके समर्थक तथा समिति कर्मचारी आमने-सामने आ गए। सचिव देवस्वरूप शुक्ल व केन इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह के बीचबचाव के बाद मामला शांत हुआ। दो दिन बाद अर्जुन प्रसाद गौड़ ने छावनी पुलिस को तहरीर देकर गन्ना राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है।
प्रभारी निरीक्षक छावनी विजय कुमार दुबे ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं समिति अध्यक्ष सिद्धांत सिंह का कहना है कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों में गन्ना सट्टे को लेकर कहासुनी हुई है। मामले की जांच कराई जा रही है। पूर्व चेयरमैन डाॅ. अरविंद सिंह का कहना है कि मुझ पर लगाए जा रहे सारे आरोप निराधार हैं।
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निदेशक और चेयरमैन दोनों की जांच
कोहराएं क्षेत्र के जिवनारायनपुर गांव निवासी कृष्ण बहादुर सिंह ने शिकायत कर बताया कि निर्विरोध निर्वाचित निदेशक कुलदीप सिंह फर्जी खतौनी के आधार पर समिति के सदस्य बने हैं। जांच अधिकारी बने गन्ना पर्यवेक्षक अर्जुन प्रसाद गौड़ ने जिला गन्ना अधिकारी को जांच रिपोर्ट भेजी है, जिसमें उन्होंने बताया कि जोत में वह गाटा बंजर जमीन और बाग के रूप में दर्ज पाई गई। इस अनुसार निदेशक कुलदीप सिंह की भूजोत शून्य है। वहीं, एक माह पूर्व गन्ना समिति के निर्विरोध निर्वाचित चेयरमैन सिद्धांत कुमार सिंह पर भी फर्जी खतौनी एवं अभिलेख के सहारे सदस्य बनने का आरोप लगा है। छावनी थानाक्षेत्र के सेवरा लाला गांव निवासी शिव प्रकाश ने प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास को लिखे पत्र में बताया कि निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्ष सिद्धांत कुमार सिंह 2018 में गलत और फर्जी राजस्व अभिलेख व खतौनी लगाकर सदस्य बने हैं।
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