बस्ती। वर्ष 2018 में तत्कालीन सांसद हरीश द्विवेदी के पत्र पर जनसेवा से जुड़ी एक संस्था की ओर से जिले की 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए सवा करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। कार्यदायी संस्था ‘’भारतीय को-ऑपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड’’ (लालबाग, लखनऊ) द्वारा नियुक्त ठेकेदारों ने फर्जी कार्यपूर्ति प्रमाणपत्र जमा कर पूरी धनराशि हड़प ली। निर्माण इकाई के तत्कालीन निदेशक जितेंद्र कुमार अग्रवाल की तहरीर पर कोतवाली थाने में चार ठेकेदारों के खिलाफ गबन और धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्रतापगढ़ जिले के 113, दहिलामऊ सिविल लाइंस के रहने वाले तत्कालीन निदेशक जितेंद्र ने तहरीर देकर बताया कि जिले के 10 ग्राम पंचायतों सवा करोड़ की लागत सामुदायिक भवन बनने थे। इसके लिए चार ठेकेदार नियुक्त किए गए थे। ठेकेदारों निर्माण कराए बगैर फर्जी कार्य पूर्ति जमा कर बैंक ऑफ इंडिया बस्ती के खाता संख्या 717010110010081 से शत प्रतिशत धनराशि आहरित कर ली गई। जिससे निर्माण इकाई की छवि धूमिल हुई है। जानकारी होने पर इसका जब विरोध किया गया तो उन्हें जान माल की धमकी भी मिली है।
कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर पवन कुमार पांडेय निवासी बेलसर जिला गोंडा, आशीष कुमार पाठक निवासी लखनऊ, शिवेंद्र प्रताप सिंह पता अज्ञात और मो. आमिर पता अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।