उप्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी संघ के संविदा चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। छह सूत्रीय मांगों को लेकर छह से बहिष्कार कर रहे स्वास्थ्य सेवा के कर्मचारियों ने मांगें नहीं मानी जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर तैनात कर्मचारी यूआईपी कार्यालय के परिसर में शनिवार को जुटे। कार्य बहिष्कार कर रहे कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगे शीघ्र न मानी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। संविदा कर्मी अपने हक के लिए नारे लगाते हुए सीएमओ कार्यालय पहुंचे और प्रभारी सीएमओ डॉ. फकरेयार को ज्ञापन दिया। जिला अस्पताल के आयुष विंग के साथ ही महिला चिकित्सालय, ओपेक चिकित्सालय कैली और जनपद के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर सेवाओं पर असर है। आकस्मिक सेवाओं के बहिष्कार के साथ ही जनपद में टीकाकरण, आरवीएसके, ओपीडी आदि की सेवाएं बाधित हैं।
धरने को संघ संरक्षक डॉ. वीके वर्मा, अध्यक्ष डॉ. जुनेद अहमद खान, सुनील कुमार, कृष्ण मोहन, एके. कुशवाहा, राजेश चौहान आदि ने संबोधित किया। संविदा कर्मी रिजवी कमेटी की संस्तुतियों को लागू करने, जॉब सिक्योरिटी के साथ राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, सरकारी नियुक्तियों में संविदा कर्मचारियों को वरीयता देने, आउट सोर्सिंग बंद कर आशा को निश्चित मानदेय और राज्य कर्मचारी का दर्जा, निष्कासित संविदा कर्मियों को बहाल किया जाना आदि मांगे प्रमुख हैं। डॉ. राम प्रकाश, डॉ. अजय श्रीवास्तव, डॉ. पीएन, चौधरी, डॉ. देवेन्द्र, डॉ. अमित, डॉ. विकास गौड़, डॉ. बदरे आलम, डॉ. अस्मिता सिंह, डॉ. अनिल मिश्र, डॉ. सतीश चन्द्र चौधरी, डॉ. संगीता, डॉ. फरहा सिद्दीकी, डॉ. शिप्रा सिद्दीकी, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. माधवी सिंह, डॉ. अजय शुक्ल मौजूद रहे।