बस्ती। परिषदीय स्कूल के साथ सरकारी भवन में संचालित 130 आंगनबाड़ी केंद्र को शीघ्र ही अपना भवन मिलने वाला है। लगभग 11.84 लाख रुपये की लागत से होने वाले प्रत्येक केंद्र का निर्माण अब अंतिम दौर में है। इससे लगभग 2.25 लाख पंजीकृत बच्चों को योजनाओं का बेहतर ढंग से लाभ मिल सकेगा। जो भवन पूर्ण हो गए हैं, उन्हें हैंडओवर करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आंगनबाड़ी केंद्र से योजनाओं का बेहतर ढंग से संचालन के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पंचायत भवन, परिषदीय स्कूल व निजी भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अपना भवन दिलाने के लिए नए भवन का निर्माण हो रहा है। मालूम हो कि जिले में 2655 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें से 2171 आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हैं। शेष बचे केंद्रों में अन्य भवन में संचालित हैं जबकि अन्य या तो पंचायत भवन या परिषदीय स्कूल में चल रहे हैं।
वर्ष 2025-26 में शासन ने परिषदीय स्कूल में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन दिलाने के लिए नए भवन के निर्माण को मंजूरी प्रदान की थी। जिसमें 219 नए आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण 25.93 करोड़ से होना है। बताया गया कि 11.84 लाख रुपये की लागत से प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है। तेजी से चल रहे निर्माण के बीच अब तक 130 केंद्र के भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है, शेष का निर्माण अंतिम दौर में है।
संभावना है कि अगले दो माह के अंत तक सभी भवन का निर्माण पूर्ण हो जाएगा। इसके बाद नए भवन में केंद्र का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। अपने भवन में केंद्र के संचालन से बच्चों के अलावा गर्भवती व धात्री को योजनाओं का बेहतर ढंग से लाभ मिल सकेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है कि जल्द से जल्द सभी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाए। हालांकि परिषदीय स्कूलों में संचालित केंद्र से बच्चों के साथ ही गर्भवती व धात्री को योजनाओं का बेहतर ढंग से लाभ दिलाया जा रहा है।
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अभी भी 265 केंद्रों के पास नहीं है खुद का भवन
जनपद में 265 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अभी भी खुद का भवन नहीं है। ये केंद्र स्कूल, पंचायत भवन व निजी भवन में चल रहे हैं। इन केंद्रों को भी खुद का भवन मिले इसके लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।
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पिछले साल 219 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य मिला था, उस पर कार्य चल रहा है। 130 भवन बन चुके हैं, जल्द ही हैंडओवर कर दिया जाएगा।
अंकुर वर्मा, एक्सईएन, आरईडी, बस्ती।