एसपी अभिनंदन ने बताया कि माया करीब तीन वर्ष से न्यायालय में आउटसोर्स पर कंप्यूटर ऑपरेटर थीं। विभागीय कार्य से वहां जनपदीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (डीसीआरबी) में तैनात सिपाही गामा निषाद का आना-जाना था। नजदीकियां बढ़ने पर दोनों करीब ढाई वर्ष तक लिव इन में रहे। अब गामा शादी करने से टालमटोल कर रहा था। बताया जा रहा है कि माया और उसके परिवार के लोगों के दबाव बनाने पर 27 जुलाई को गामा ने कोर्ट मैरिज की। बाद में दोनों ने गायत्री मंदिर में भी सात फेरे लिए और कोतवाली क्षेत्र के भुअर निरंजनपुर मोहल्ले में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे।
सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे दोनों में विवाद हुआ। गामा ने चाकू से माया के पेट में इतने वार किए कि आंत बाहर आ गई। वह चाकू माया के पेट में ही छोड़कर भागने लगा। इस बीच आसपास के लोग पहुंचे और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद गामा ने कमरा अंदर से बंद करके पुलिस को सूचना दी। टीम के साथ पहुंचे कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी ने उसे हिरासत में ले लिया। माया के पिता गिरधारी लाल गौड़ की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गामा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।