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Basti News: कागज में बन गई कमेटी...नहीं शुरू हुई जच्चा-बच्चा के मौत की जांच

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बस्ती। निजी अस्पतालों में इलाज की लचर व्यवस्था का खामियाजा मरीज भुगत रहे हैं। मामला सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग आनन-फानन में कार्रवाई तो करता है, लेकिन इस पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। ताजा उदाहरण शहर के स्टेशन रोड का है। यहां जच्चा-बच्चा के मौत मामले में गठित कमेटी सिर्फ कागज में बनी हुई है और अभी तक जांच करके रिपोर्ट तक नहीं दे सकी।
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स्टेशन के जिस निजी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत हुई है, वहां अस्पताल का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनी जांच कमेटी ने अभी सीएमओ को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। सूत्रों की माने तो मृतका के परिजनों से अस्पताल संचालक से समझौता करने की योजना बना रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पिछले दो माह शहर और आसपास के अस्पतालों में छह से सात मौत हो चुकी है, मगर विभागीय कार्रवाई शून्य है। पचपेड़िया, बरदहिया, रोडवेज गांवगोडिया, कटरा, मालवीय रोड समेत अन्य निजी अस्पतालों में घटना घट चुकी है।
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12 जुलाई को हुई थी घटना, अभी तक जांच पूरी नहीं
वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत पल्टनपुर निवासी प्रतिभा चौधरी (24) को 11 जुलाई को अस्पताल में भर्ती किया गया। चिकित्सक ने ऑपरेशन से प्रसव की सलाह घर वालों को दिया। 12 जुलाई भोर में ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन महिला को लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में जच्चा व बच्चा दोनों की मौत हो गई। वहां मौजूद चिकित्सक केस को संभाल नहीं सके। घर वालों का आरोप है कि अप्रशिक्षित के हाथों से बेहोशी की दवा दी गई, जो ओवरडोज थी। मामले में अभी तक जांच कमेटी यह तक नहीं कर सकी है कि घटना के वक्त किस सर्जन ने ऑपरेशन किया था। पंजीकरण में किस चिकित्सक का नाम है।
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कोट
स्टेशन रोड स्थित अस्पताल में जच्चा-बच्चा मौत प्रकरण गंभीर है। जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। नोडल अधिकारी से जांच आख्या मांगी जाएगी, इसमें जो दोषी होंगे कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. राजीव निगम, सीएमओ, बस्ती।
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