बस्ती। एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में दो दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला में जिले के 19 कोल्ड चेन प्वाइंट से 38 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से किया गया था। ट्रेनरों ने कहा कि वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने में कोल्ड चेन हैंडलर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षण में अस्पतालों में उपलब्ध नियमित टीकाकरण सहित एवं अन्य वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि कोल्ड चेन प्वाइंट्स पर अत्याधुनिक आईएलआर मशीनों में वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। नियमित टीकाकरण के अंतर्गत पांच वर्षों में सात बार टीकाकरण किया जाता है, जो बच्चों को 12 प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचाने में सहायक होता है। इसके साथ ही गर्भवती और किशोर-किशोरियों का भी टीकाकरण किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ टीकों के बाद हल्का बुखार आना सामान्य बात है। जिला वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि ई-विन प्रणाली के माध्यम से वैक्सीन का रख-रखाव अब और आसान हो गया है। इससे स्टॉक, एक्सपायरी और तापमान की निगरानी कहीं से भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोल्ड चेन को हर हाल में बनाए रखना आवश्यक है और किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में वैक्सीन को तुरंत सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
डीएचईआईओ राजेश कुमार चौधरी, यूनिसेफ के सुरेंद्र शुक्ल, जेएसआई के मनीष श्रीवास्तव, हिमांशु पांडेय, अब्दुल वारिस, अरविंद पाल, सुरेश पांडेय, धीरेन्द्र एवं आदर्श सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।