बस्ती। जिला महिला अस्पताल में सीएमएस और बाल रोग विशेषज्ञ में हुए हाथापाई मामले में एक और मामला सामने आया है। अचानक एक गायनी ने इस्तीफा देकर अस्पताल में खलबली मचा दी। इसको लेकर तहर-तरह के निहितार्थ निकाले जा रहे। जानकारों ने बताया कि डॉक्टर भी अब माहौल देख नौकरी करने से तौबा कर रहे। कई कर्मी और डॉक्टर विवाद के बाद कार्य में भी असहजता महसूस कर रहे।
महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ और सीएमएस में हाथापाई प्रकरण में जांच चल रही है। इसमें एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी ने जांच की। जिसमें सीएमएस समेत कर्मचारियों का लिखित और मौखिक बयान हुआ, वहीं बाल रोग विशेषज्ञ की अवकाश पर चले जाने के कारण सिर्फ कागजी बयान दर्ज किया गया। अब टीम इस जांच रिपोर्ट को एडी हेल्थ बस्ती मंडल डॉ. रामानंद को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि एडी हेल्थ उस रिपोर्ट को शासन में प्रेषित कर दिए हैं। हालांकि, अभी मामला स्पष्ट नहीं हो पाया कि किस वजह से झगड़ा हुआ। विवाद का जड़ क्या था इसको लेकर अब चर्चाएं हो रही है। वहीं गायनोलॉजिस्ट ने घरेलू कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है। प्रभारी सीएमएस डॉ. सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि गायनोलॉजिस्ट नियमित पद पर थीं, उन्होंने पारिवारिक कारणों से इस्तीफा दिया है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जा चुका है।
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गहराता जा रहा मामला
जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर-सीएमएस के विवाद से संकट गहराता जा रहा है। यहां डॉक्टर अब काम से तौबा कर रहे हैं। बाल रोग विभाग के बाद अब गायनी विभाग में संकट है। एक गायनोलॉजिस्ट के इस्तीफा दे संकट और बढ़ गया है। उन्होंने इस्तीफा को व्यक्तिगत कारण बताया है। वहीं, जांच चलने से अभी सभी डॉक्टर, कर्मी व सीएमएस उलझे हुए हैं। बताया गया कि सीएमएस डॉ. अनिल कुमार भी छुट्टी पर गए हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. तैय्यब अंसारी पहले से अवकाश पर थे।