बस्ती। जिला महिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर गर्भवती और उसके परिजनों से अभद्रता करने के मामले में शिकायतकर्ताओं ने सीएमएस पर मामले की लीपापोती का आरोप लगाया है। आरोप है कि सीएमएस ने डॉक्टर को बचाने के लिए एकतरफा रिपोर्ट लगा दी और पीड़ित पक्ष का बयान तक नहीं लिया। शिकायतकर्ताओं ने दोबारा आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर मामले की जांच की मांग की है।
पीड़ित दीपक, अभिषेक, सुषमा ने आइजीआरएस पर शिकायत कर बताया कि वह 13 अगस्त को गर्भवती को लेकर महिला चिकित्सालय आए थे। वहां महिला चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद थीं। मरीज देखने के लिए अनुरोध किया तो उन्होंने अभद्रता करते हुए बाहर कर दिया।
मरीज का नंबर आने पर वह अंदर गईं। कुछ देर बाद जब उन्होंने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुन: चिकित्सक से अनुरोध किया कि वह मरीज को देख लें, जिस पर उन्होंने अभद्रता की।
इस मामले में सीएमएस ने जानबूझकर मामले की लीपापोती की, डॉक्टर से केवल लिखित सफाई लेकर उसे क्लीनचिट दे दी, जबकि असली पीड़ितों से बात तक नहीं की। उन्होंने इस मामले की दोबारा जांच की मांग की है।
एक तरफा रिपोर्ट लगाने का आरोप निराधार है। मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. अनिल कुमार, सीएमएस