बस्ती। सब्जी की खेती को बढ़ावा देने के लिए नए-नए नुस्खे आजमाए जाएंगे ताकि सब्जी की खेती का क्षेत्र विकसित हो सके और अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
भारत सरकार ने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के जरिए कलस्टर डेवलवमेंट प्रोग्राम प्रारंभ किया है। इस कार्यक्रम में जिला स्तर पर एक इंप्लीमेंटिंग (कार्यान्वयन) एजेंसी के माध्यम से सामूहिक रूप से सब्जियों का क्षेत्र विकसित किया जाना है। कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करने के लिये एफपीओ, सहकारी संगठन, पार्टनरशिप फर्म व कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक भानु प्रताप त्रिपाठी के अनुसार नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड उत्पादन प्रारंभ होने से लेकर उत्पादन के बाद प्रसंस्करण तक की जिम्मेदारी निभाएग।योजना के तहत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से लेकर योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी चयनित फर्म की होगी। बताया कि उद्यान विभाग नोडल विभाग के रूप में योजना के पर्यवेक्षक का कार्य करेगा। कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य के इच्छुक एफपीओ, सहकारी संगठन, पार्टनरशिप फर्म व कंपनियां कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं। साथ ही नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड की ओर से कुल स्वीकृत कार्ययोजना की लागत के सापेक्ष 25 प्रतिशत अंशदान के रूप में कार्यरत एफपीओ, सहकारी संगठन, पार्टनरशिप फर्म व कंपनियों के खाते में होना बहुत जरूरी है।