मूल्यांकन पंजिका में कूट रचना का मामला आया सामने, नगर पालिका अध्यक्ष ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। नगर पालिका में फर्जी ढंग से नामांतरण करने का मामला सामने आया है। अभिलेख में कूटरचना कर खारिज दाखिल कर दिया गया है। मामला पकड़ में आते ही कार्रवाई शुरू हो गई है। वार्ड संख्या एक के मूल्यांकन कार्य समेत विभिन्न पटलों के प्रभारी लिपिक अश्वनी कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने निलंबित कर दिया है। उन्हें निलंबन अवधि में जलकल से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच जेई (जल) अर्चना कुमारी को सौंपी गई है।
प्रभारी ईओ नगर पालिका एवं एसडीएम न्यायिक सत्येंद्र सिंह को शिकायत मिली थी कि मूल्यांकन कार्य के अंतर्गत अभिलेख में हेरफेर एवं कूटरचना कर खारिज दाखिल किया जा रहा है। उन्होंने मामले में सत्यता प्रतीत होने पर संबंधित लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति सहित पत्र नगर पालिका अध्यक्ष को लिखा। आरोप है कि संबंधित लिपिक के पटल से फर्जी ढंग से नामांतरण किए जाने के अलावा विभागीय कार्यों में भी लापरवाही बरती जाती रही है।
नगर पालिका अध्यक्ष नेहा वर्मा ने संबंधित लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जलकल से संबद्ध कर दिया है। जबकि निलंबित लिपिक के वार्ड संख्या- एक मांग/ मूल्यांकन का कार्य दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव और नकल, निर्वाचन, टैक्सी स्टैंड का कार्य लिपिक शुभम शेखर यादव को सौंपा गया है। इस कार्रवाई से नगर पालिका में हड़कंप मचा हुआ है।