बस्ती। खरीफ फसलों की कटाई अब शुरू हो चुकी हैं। इसके तत्काल बाद रबी सत्र की बुआई प्रारंभ हो जाएगी। इसके मद्देनजर डीएपी व अन्य फाॅस्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता मंडल के तीनों जिलों में पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित कर ली गई है।
संयुक्त कृषि निदेशक राम बचन राम ने बताया कि रबी फसल गेहूं, सरसों, आलू, मटर व चना आदि में किसान डीएपी का ज्यादातर उपयोग करते हैं। लेकिन, इसके स्थान पर किसान एनपीके- 20ः20ः0ः13, 12ः32ः16, 10ः26ः26 एवं टीएसपी का प्रयोग कर अच्छी उपज प्राप्त कर सकते हैं।
डीएपी की अपेक्षा एनपीके एवं एसएसपी अधिक घुलनशील है। इससे पौधो को आसानी से अन्य पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं। पोषक तत्वों का क्षरण भी नहीं होता है। बताया कि 28 अक्तूबर तक बस्ती में डीएपी 11074 एमटी, संतकबीरनगर में 8289 एमटी, सिद्धार्थनगर में 9431 एमटी की उपलब्धता है।
बस्ती में एनपीके 6237 एमटी, संतकबीरनगर में 3989 एमटी, सिद्धार्थनगर में 7916 एमटी उपलब्ध है। इसी प्रकार बस्ती में यूरिया 17353 एमटी, संतकबीरनगर में 13325 एमटी, सिद्धार्थनगर में 13637 एमटी उपलब्ध है। तीनों जनपदों में उर्वरकों की कोई कमी नही है। किसान संतुलित मात्रा में उर्वरक का उपयोग करें। संवाद