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Basti News: खुद को हाईकोर्ट का जज बता एसपी पर जमाई धौंस...गिरफ्तार

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बस्ती। खुद को हाईकोर्ट का जज बताकर एसपी डॉ. यशवीर सिंह को फोन कर धौंस जमाना एक युवक को महंगा पड़ गया। कोतवाली एवं सर्विलांस पुलिस की संयुक्त टीम ने मोबाइल नंबर से लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कोतवाली क्षेत्र के रैपुरा जंगल निवासी विनय कुमार चौधरी (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर शनिवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।मामले में एसपी के पीआरओ शशांक शेखर राय ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी विनय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस का कहना हैं कि आरोपी खुद को उच्च न्यायालय प्रयागराज का न्यायमूर्ति बताकर एसपी डॉ. यशवीर सिंह के सीयूजी नंबर पर बार-बार कॉल कर रहा था। वह चमरौहा सियरापार, थाना कोतवाली निवासी मंगरू नामक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए दबाव बना रहा था। फोन पर बातचीत के दौरान संदेह होने पर एसपी के निर्देश पर कराई गई गोपनीय जांच में आरोपी की जालसाजी सामने आ गई। पुलिस के अनुसार आरोपी अक्सर पुलिस अधिकारियों को विभिन्न नंबरों से फोन कर छद्म नाम बताकर खुद को हाईकोर्ट का जज बताते हुए धौंस जमाता रहा है। वह टेलीफोन पर ही दबाव बनाते हुए पुलिस अधिकारियों से विभिन्न मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने समेत अन्य तरह के काम के लिए दबाव बनाता था।
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कोतवाली और सर्विलांस की टीम ने शुक्रवार की देर रात उसे पटेल चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। शहर कोतवाल मोतीचंद ने बताया कि गिरफ्तार युवक के पास से दो सिमकार्ड लगा एक एंड्रायड मोबाइल, एक ब्लूटूथ, ईयर फोन, 20 हजार रुपये नकद, 250 रुपये नेपाली समेत अन्य सामान व दस्तावेज बरामद किए गए। पूछताछ में उसने बताया कि वह लोगों के काम कराने का सौंदा करता था। बाद में खुद को हाईकोर्ट का जज बताते हुए पुलिस अधिकारियों पर काम के लिए दबाव बनाता था।


गिरफ्तार युवक पुलिस अधिकारियों को छद्म नाम से फोन करके खुद को हाईकोर्ट का जज बताते हुए धौंस जमाता था। इसके बाद विभिन्न मामलों में गलत पैरवी करके काम कराने का दबाव बनाता था। कोतवाली और सर्विलांस टीम की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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- सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी, सीओ सिटी
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