सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील के ग्राम राजपुर में चकबंदी सीमांकन और कब्जा परिवर्तन का कार्य शांतिपूर्ण तरीके से होने पर किसानों ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि गांव के 1100 चकों व 26 सेक्टरों का सीमांकन कार्य पूरा होने से खेत के झगड़े समाप्त हो जाएंगे।
बता दें कि यहां 34 वर्ष पूर्व 1992 में शुरू हुई चकबंदी प्रक्रिया मुकदमें में उलझ गई थी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर गठित 13 टीमों ने सीमांकन कार्य किया है। जल्द ही धारा-52 का प्रकाशन कर इस गांव में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।
ग्राम राजपुर में वर्ष 1992 में चकबंदी प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें धारा चार का प्रकाशन, पड़ताल, आकार पत्र पांच का वितरण, चक निर्माण व 2013 में आकार पत्र-23 के वितरण हुआ। इसके बाद आपत्तियों व दायर अपील के बीच चकबंदी प्रक्रिया अटक गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट द्वारा 30 जुलाई 2025 के आदेश पर कब्जा परिर्वतन की कार्रवाई शुरू हुई।
डीएम के निर्देश पर 13 टीमों ने 16 अप्रैल 2026 से 18 मई 2026 के बीच कब्जा परिवर्तन (धारा-24) की विधिक कार्रवाई पूरी की गई। इसके तहत प्रत्येक कृषक के नए चकों का विवरण फ्रीज किया गया है। इसमें कृषक के पुराने गाटों के बदले दिए गए नए चकों का मूल्यांकन और क्षेत्रफल तय होता है।
साथ ही आकार पत्र-35 की एक प्रति कृषक को दी गई जो उसे नया चक आवंटन का एक विधिक रसीद है। इसके अलावा चकों का स्थलीय सीमांकन एवं चौहद्दी का निर्धारण करते हुए मौके पर पैमाइश कर मेड़बंदी की गई।
मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान घनश्याम, किसान सचिन, रामकुबेर, बरसाती आदि ने कहा कि चकों के सीमांकन, चौहद्दी निर्धारण, कब्जा परिवर्तन व मेड़बंदी के बाद गांव में खेत संबंधी विवाद समाप्त हो जाएंगे। इससे काफी राहत मिलेगी।