हैरत में हैं ग्रामीण, सजा पर तोड़ी चुप्पी
लालगंज (महराजगंज)। दिल्ली के निर्भया कांड में चारों आरोपियों को फांसी की सजा 22 जनवरी को सुबह सात बजे होगी। कोर्ट ने डेथ वारंट भी जारी कर दिया है। इस घटना में जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के ग्राम जगन्नाथपुर निवासी पवन गुप्ता भी अभियुक्त है। सजा की जानकारी के बाद ग्रामीणों ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। बुधवार को अमर उजाला की टीम गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों से सजा पर बातचीत की।
गांव के संजय गोस्वामी ने कहा कि जब यह सुना गया कि पवन को फांसी होनी है तब से गांव गम में डूबा है क्योंकि पवन को बचपन से देखा है। उसका स्वभाव बेहद सरल है। कैसे वह ऐसे मामले में उलझ गया, समझ में नहीं आता।
बुजुर्ग पुजारी दयानंद गोस्वामी कहते हैं कि विधि का विधान टाला नहीं जा सकता है। पवन से मैं भी मिला हूं, मगर उसका व्यवहार बेहद सरल है। कैसे वह इस कृत्य को किया समझ में नहीं आ रहा है।
गांव के ही सुखई निषाद ने कहा कि पवन किसके बहकावे में आकर यह दुस्साहस कर बैठा समझ में नहीं आ रहा है। यह दुखद है कि वह ऐसी घटना में फंस गया है।
राम दयाल ने कहा कि पवन बचपन में ही गांव आता तब वह हम लोगों के साथ खेलता कूदता था। उस समय वह बेहद सीधा साधा बालक था। उसे फांसी की सजा हुई है सुनकर कष्ट हुआ, लेकिन कोई क्या कर सकता है।