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Basti News: दो तिहाई बाजार पर चीन के लहसुन का कब्जा...देसी के व्यापारियों का निकला दिवालाा

Fri, 20 Dec 2024 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। चीन के लहसुन ने देसी लहसुन के व्यापारियों का दिवाला निकाल दिया है। पिछले सीजन की अपेक्षा उनकी मांग एक तिहाई रह गई है। व्यापारी बताते हैं कि बड़े आयोजनों, होटलों आदि की बुकिंग में अधिकतर चाइनीज लहसुन मंगा ली जा रही है, इसलिए उनका व्यवसाय काफी प्रभावित हुआ है।
सिद्धार्थनगर बॉर्डर और गोरखपुर मंडी से दूसरे सामानों में छिपाकर चीन के लहसुन की खेप पहुंच रही है। इन्हें बड़े होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट में पहुंचाए जा रहे हैं।
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स्टेशन रोड स्थित सब्जी मंडी में लहसुन के थोक विक्रेता मोहम्मद अय्यूब बताते हैं कि एक साल से अचानक उनकी बिक्री घट गई। शुरू में जब फुटकर दुकानदारों ने देसी लहसुन नजरअंदाज करना शुरू किया तो समझ में आया कि क्या वजह है। ऐसा लगा जैसे स्थानीय किसानों की अच्छी पैदावार होने से उनके लहसुन की मांग घटी है।
बाद में पता चला कि सस्ता होने के कारण चीन का लहसुन लोग ज्यादा खरीद रहे हैं। अय्यूब के अनुसार, पहले से खपत एक तिहाई कम हो गई है। पहले वह 25 क्विंटल देसी लहसुन मंगाते थे, जो तीन-चार दिन में बिक जाते हैं। अब 10 क्विंटल मंगाते हैं। मगर, उसे बिकने में एक सप्ताह लग जाते हैं।
चीन के लहसुन की कारीगरी लोगों की समझ में आने लगी है। इसलिए गृहिणियां फिर से देसी को तरजीह देने लगी हैं।
गांधीनगर सब्जी मंडी में पहुंची नीलम बताती हैं कि चीन वाले लहसुन में स्वाद नहीं है। कितना भी सब्जी में डाल दो, पता ही नहीं चलता। जबकि देसी की चार कलियां स्वाद बढ़ा देती है। दाल में तड़का भी देसी का अच्छा होता है।
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सेहत के प्रति जागरूक रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक पटेश्वरी पांडेय बताते हैं कि जब बेहतर विकल्प मौजूद है तो संदिग्ध को क्यों खाएं।
उनका कहना है कि जो लोग जान गए हैं कि चीन के लहसुन में हानिकारक केमिकल ज्यादा है, वे इसे हाथ लगाना भी पसंद नहीं करते। जिसे नहीं पता है वही सुडौल देखकर फंस जा रहे हैं।
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