जिला अस्पताल में रोज पहुंच रहे है टॉन्सिल से पीड़ित बच्चे
दवा के साथ चिकित्सक दे रहे गुनगुना पानी पीने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। सुबह-शाम ठंड के साथ पछुआ हवा तेज चल रही है। इससे बच्चों की सेहत बिगड़ जा रही है। इस बदलते मौसम में अधिकतर टॉन्सिल से पीड़ित बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में टॉन्सिल पीड़ित आठ से 10 बच्चे रोजाना पहुंच रहे हैं।
एक तरफ मौसम बदल रहा है तो दूसरी ओर सहालग का सीजन भी है। शादी-विवाह में बच्चों का खान-पान भी बिगड़ जा रहा है। चाट-पकौड़े, चाऊमीन आदि गर्म खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक भी बच्चे सेवन कर ले रहे हैं। डायरिया, निमोनिया के साथ ही टॉन्सिल से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। शादी-विवाह में बच्चे ठंडा-गरम का अधिक सेवन करते हैं। इससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
जिला अस्पताल में 150 बाल रोगियों की ओपीडी में आठ से 10 बच्चे रोजाना टॉन्सिल से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। जबकि पहले सामान्य दिनों में टॉन्सिल से पीड़ित दो-चार बच्चे ही आते रहे। मरीजों को चिकित्सक दवा देने के साथ ही सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में आईं आरती ने बताया कि उसकी पुत्री अंशिका को तीन दिन से गले में खराश, ठंड लगने के साथ बुखार भी आ रहा है। सिरदर्द और गर्दन में अकड़न है। चिकित्सक ने बताया कि उसे टॉन्सिल हुआ है। दवा के साथ ही सतर्कता जरूरी है।
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कोट
मौसम में परिवर्तन और शादी-विवाह में ठंडा-गरम खाने की वजह से बच्चों में टॉन्सिल की समस्या बढ़ी है। यह दवा लेने पर चार-पांच दिन में ठीक हो जाता है। खाने-पीने में सतर्कता जरूरी है। दवा के साथ गर्म पानी से गलारा करने से बीमारी जल्दी ठीक होती है।
-डाॅ. सरफराज खान, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल