जिला अस्पताल में बच्चे की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह संवाद
बस्ती। बदलते मौसम का असर अब बच्चों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले में वायरल फीवर और मौसमी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे तेज बुखार, खांसी, सीने में जकड़न, गले में खराश और दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण चिल्ड्रेन वार्ड की क्षमता भी पूरी हो चुकी है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बाल रोग ओपीडी में रोजाना 150 से 160 बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें लगभग हर दूसरे बच्चे में खांसी, जुकाम, तेज बुखार और गले में खराश के लक्षण मिल रहे हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया की भी पुष्टि हुई है। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को तत्काल भर्ती किया जा रहा है। उपचार के बाद अधिकांश बच्चे पांच से आठ दिनों में स्वस्थ होकर घर लौट रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि कई बच्चों को 102 से 104 डिग्री तक तेज बुखार आ रहा है। इलाज में देरी होने पर दिमागी दौरे का खतरा बढ़ जाता है।
बलगम की वजह से कई बच्चों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है, ऐसे मरीजों को भाप देकर उपचार किया जा रहा है। शुक्रवार को बाल रोग की ओपीडी में 146 बच्चे आए इनमें से आठ को भर्ती करना पड़ा।
अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में 24 बेड के सापेक्ष 29 बच्चे भर्ती हैं, जबकि पीआईसीयू में तेज बुखार, झटके और सांस लेने में तकलीफ वाले छह बच्चों का उपचार चल रहा है। ओपीडी में आने वाले बच्चों की प्रारंभिक जांच के बाद आवश्यकतानुसार रक्त के नमूने भी लिए जा रहे हैं, ताकि जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) और एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके।
डॉक्टरों के अनुसार इन दिनों करीब 40 प्रतिशत बच्चों में तेज बुखार की शिकायत मिल रही है। बुखार लंबे समय तक बने रहने से अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1,047 मरीजों ने परामर्श लिया, जिनमें सबसे अधिक मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पहुंचे।