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नकल रोकने का दावा तार-तार

Wed, 22 Mar 2017 11:18 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
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जीजीआईसी मे इंटरमीडिएट की परीक्षा देती छात्राएं।
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प्रशासन का यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने का दावा सही साबित नहीं हो रहा है। प्रशासन का स्टेेटिक मजिस्ट्रेट बनाना भी कारगर साबित नहीं हो रहा है। नकल कराने वाले स्कूल सभी को धता बताकर अपने मकसद में कामयाब हो जा रहे हैं। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक नहीं है, फिर भी व्यवस्था को चिढ़ाने के लिए काफी है। बुधवार को नकल कराने के आरोप में दो केंद्र व्यवस्थापकों को हटाया गया। वहीं दो दिन पहले दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए एक युवक के विरुद्घ जालसाजी के आरोप में केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई विद्यालय के प्रबंधक के तरहीर पर की गई।
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दुबौलिया  के सूदीपुर इंटर कालेज के प्रधानाचायॅॅ वेदमणि सिंह को केंद्र व्यवस्थापक बनाया गया हैं। वहीं जनता इंटर कालेज नगर बाजार के केंद्र व्यवस्थापक को हटाया दिया गया हैं। यहां सामूहिक नकल की शिकायत मिली थी। स्कूल पर  सक्सेरिया  इंटर कालेज के प्रवक्ता धनश्याम लाल श्रीवास्तव को केन्द्ग  व्यवस्थापक  नियुक्त किया गया। डीआईओएस राजेश कुमार आर्य ने बताया कि  बृहस्पतिवार को  हाईस्कूल विज्ञान सुबह पाली व इंटर भौतिक विज्ञान शाम को  स्टेटिक मजिस्टेट  की निगरानी में परीक्षा होगी। वहीं परशुरामपुर में  आदर्श इंटर कॉलेज मखौड़ा धाम मे 20 मार्च को भाई के स्थान पर परीक्षा दे रहे युवक पर जालसाजी का मुकदमा दर्ज  कर उसकी गिरफ्तारी कर ली गयी है फ्लाइंग स्क्वायट की टीम ने परीक्षा दे रहे एक युवक से संदेह  के आधार पर पूछताछ की तो पता चला कि वास्तविक परीक्षार्थी की जगह उसका भाई परीक्षा दे रहा था। 
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